- सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ को हटाकर डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता को सौंपा पीसीपीएनडी नोडल का पद
- शिकायत के बाद डिप्टी सीएमओ ने मीडिया के समक्ष तोड़ी थी चुप्पी, इसके बाद हटा विभाग का चार्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अस्पताल को लेकर रुपये के लेनदेन के लिए चर्चा में आए सीएमओ डॉक्टर बीके अग्रवाल ने अस्पतालों के जांच के नोडल और पीसीपीएडीटी के प्रभारी डॉ. एमएन त्रिपाठी से चार्ज वापस ले लिया है। अब यह जिम्मेदारी डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता को दी है। विभागीय लोगों का कहना है कि सीएमओ की ओर से दोनों डिप्टी सीएमओ के खिलाफ शिकायती पत्र देने के बाद जब लोगों ने चुप्पी तोड़ी और मीडिया के समक्ष अपनी बात रखी तो यह कार्रवाई की गई है। अगर करना था को वीडियो वायरल होने के बाद भी किया जा सकता था। वहीं, विधायक विनय वर्मा और एक सामाजिक संठगन भी सीएमओ के खिलाफ खुलकर सामने आ गए हैं। उन्हें हटाते हुए कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। संगठन के लोगों ने मंगलवार को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
बंद निजी अस्पताल के संचालन को लेकर कार्यालय में बैठकर रुपये के लेनदेन संबंधित वार्ता करने का वीडियो सामने आने के बाद हर दिन नया मोड आ रहा है। सीएमओ की ओर से रुपये के लेनदने के मामले में दोनों डिप्टी सीएमओ डॉ. बीएन चतुर्वेदी और अस्पतालों के जांच के नोडल डॉ. एमएन त्रिपाठी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र दिया है। शिकायती पत्र पडऩे के बाद दोनों डिप्टी सीएमओ ने चुप्पी तोड़ दी और प्रेस कांफ्रेंस के जरिए सीएमओ पर दबाव बनाकर कार्य करवाने, अस्पताल के संचालन में डेढ़ लाख रुपये लेने से सहित अन्य आरोप लगाए। मंगलवार को सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने डिप्टी सीएमओ डॉ. एमएन त्रिपाठी से अस्पतालों के जांच के नोडल और पीसीपीएनडी का चार्ज हटा लिया। दबी जुबान से विभागीय लोग कह रहे हैं कि अगर कार्रवाई करना था तो सीएमओ की ओर से दो दिन पहले वीडियो वायरल होने के पहले क्यों नहीं कर दिया गया। जब दोनों लोग चुप्पी तोड़े और मुंह खोल दिए तो पद से हटाया गया और दूसरे को चार्ज दिया है। इस बात की चर्चा पूरे दिन सीएमओ कार्यालय में चलती रही है।
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सीएमओ के निलंबन की मांग की
जनपद के मुख्य चिक्तिसा अधिकारी के वायरल वीडियो प्रकरण में मंगलवार जिला कलक्ट्रेट पहुंच कर सिद्धांत यादव, शारुख पाठन, विजय यादव ने जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने सीएमओ के खिलाफ कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि 11 सितंबर के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान रिंकू, राकेश यादव, विजय, रामसागर यादव, अनिल आदि मौजूद रहे।
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किसके शह पर सील तोड़कर चल रहा है अस्पताल
सिद्धार्थनगर। इटवा कस्बे में चल रहे एक प्राइवेट अस्पताल को अवैध पाये जाने पर सील कर दिया गया था, लेकिन दोबारा हुई जांच में सील तोड़कर अस्पताल चलाए जाने पर सीएमओ ने प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कहा था। सीएमओ के दिए आदेश के एक माह बाद भी कस्बे के निजी अस्पताल पर केस दर्ज नहीं हुआ है। मामला इटवा थाने के पास स्थित सेवा हास्पिटल का है।
इस अस्पताल की जांच लगभग दो माह पूर्व की गई थी। वांछित कागजात के अभाव में अस्पताल को सील कर दिया गया था, लेकिन संचालक ने दूसरे दिन सील तोड़कर अस्पताल का संचालन जारी रखा। संचालन के कुछ माह बाद एसडीएम इटवा कर्मेंन्द्र की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इस अस्पताल को पुन: सील कर दिया था और कागजात के न होने व सील तोड़कर अस्पताल के संचालित पाये जाने पर सेवा हास्पिटल के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमओ सिद्धार्थ नगर को रिपोर्ट दी थी। जांच टीम की रिपोर्ट पर सीएमओ ने सेवा हास्पिटल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए निर्देश दिया था, लेकिन निर्देश के एक माह बीत जाने के बावजूद अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई।
इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संदीप द्विवेदी ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए दिया गया पत्र वापस आया है। प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए फिर पत्र भेजा जा रहा है।
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ऑडियो और वीडियो की होगी जांच
एक वायरल वीडियो जिसमें कार में बैठक बिना चेहरा दिखने वाले शख्स जो रुपये के संबंध में लेनदेन की बात कर रहा है और ऑडियो में जो सीएमओ के लिए गाड़ी में रुपये रखने की बात कर रहा है। उसकी जांच की जाएगी। सूत्रों की माने तो एसपी को मिले शिकायती पत्र के कार्यक्रम पुलिस विभाग की ओर से इसकी जांच की जाएगी कि जिस व्यक्ति पर आरोप लगा है कि उसका वीडियो और आडियो है या नहीं। हालांकि, अभी तक अधिकारी यह कह रहे हैं कि मामले की जांच चल रही है।
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बोले सीएमओ
डिप्टी सीएमओ डॉ. एमएन त्रिपाठी से पीसीपीएनडीटी और अस्पतालों के जांच के नोडल की जिम्मेदारी हटा दी गई। अब यह प्रभार डॉ. संजय गुप्ता को सौंपा गया है।
डॉ. बीके अग्रवाल, सीएमओ