- जिले में एक भी कोल्ड स्टोरज नहीं होने से किसानों को सब्जियों व अन्य सामान रखने के लिए नहीं मिलती है जगह
- सामान को खराब होने से बचाने के लिए औने-पौने दाम में बेचतें हैं किसान
- बढ़नी चाफा में बना कोल्ड स्टोरज भी 10 साल पहले से है उपेक्षित
संवाद न्यूज एजेंसी
भारतभारी। जिले में कोई कोल्ड स्टोरेज नहीं है। इससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चाहते हुए भी वें सब्जी और फल नहीं रख सकते हैं। खराब होने के डर से उन्हें औने- पौने दाम पर बेचना ही पड़ता है। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के बढ़नी में कोल्ड स्टोरेज स्थापित था। इससे किसानों को काफी सहूलियत मिलती थी। लेकिन लगभग दो दशक पहले बना यह कोल्ड स्टोरेज भी बंद हो गया। अब किसानों को अपनी सब्जियों व अन्य समान को बचाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में किसानों में संकट पैदा हो गया है।
जिले में किसान बड़े रकबे पर सब्जी की खेती करते हैं, इसमें आलू तो कम रकबे पर रहता है। लेकिन हरी सब्जी की खेती बड़े रकबे पर होती है। जिले में कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था नहीं होने से इन्हें तत्काल निकाला कर बेचना पड़ता हैं। खराब होने के डर से बचा हुई सब्जी भी औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर होते हैं। प्याज और आलू की खेती का रकबा भी इसीलिए नहीं बढ़ पा रहा है कि उत्पादन होने के बाद कहां रखें। किसानों को कहना है कि बढ़नी में कोल्ड स्टोरेज था तो किसानों को बहुत सहूलियत मिलही थी। लेकिन 10 साल से वह भी उपेक्षित है। जिले में और कहीं दूसरा कोल्ड स्टोरेज बना ही नहीं है। ऐसे में किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। डुमरियागंज क्षेत्र के राकेश, सलाउद्दीन, राजकुमार का कहना है कि बढ़नी कोल्ड स्टोरेज शुरू हो जाए तो भी किसानों को सहूलियत मिले।
बोले किसान
बढ़नी में कोल्ड स्टोरेज होने से इस क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिला था। लोग आलू की साफ -सफाई व लोडिंग का काम करते थे और रोजगार से यहां के लोग जुड़े थे। आज रोजगार भी छीन गया और किसान चाहते हुए भी उत्पादन नहीं कर रहे हैं कि रखे कहां। परेशानी भी बढ़ गई।
रामचरित्र मौर्य, निवासी बढ़नी कोल्ड स्टोरेज
क्षेत्र के बढ़नी में एकमात्र कोल्ड स्टोरेज था। इसमें हम किसानों को अपनी सब्जी स्टोर करने में आसानी होती थी और सब्जी आदि सामान खराब नहीं होता था। किसान बाद में सब्जियों को बेच कर अच्छी रकम निकालते थे। मगर दो दशक से बंद होने से हम किसानों को सब्जी व अन्य सामान खराब होने के डर से औने-पौने दामों में बेचना पड़ता है।
हरिराम वर्मा, निवासी बुढि़या टायर
बोले जिम्मेदार
कोल्ड स्टोरेज बंद होने की जानकारी नहीं है, पता किया जाएगा और चुनाव के बाद उच्च अधिकारियों को पत्र के माध्यम से कोल्ड स्टोर को शुरू करने के लिए लिखा जाएगा।
डॉ. संजीव दीक्षित, एसडीएम डुमरियागंज