सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में डॉ. नौशाद आलम को एनएमसी के नोडल अफसर के प्रभार से हटा दिया। उनके कार्यों को तीन फैकल्टी डॉक्टरों में बांटा गया है। निर्वतर्मान नोडल अफसर डॉ. नौशाद आलम और माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग की सहायक आचार्य डॉ. आरती चतुर्वेदी को आमने-सामने के बाद यह कार्रवाई की गई है। इस मामले में आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है।
प्रभारी प्राचार्य डॉ. एके झा ने बृहस्पतिवार शाम जारी आदेश में डॉ. नौशाद आलम से एनएमसी के नोडल अफसर से अन्य प्रभार से मुक्त कर दिया।सर्जरी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. आशीष कुमार त्रिपाठी को एनएमसी, बॉयो कमेस्ट्री विभाग के सहायक आचार्य डॉ. आशीष शर्मा को पैरामेडिकल कोर्स एवं दंग रोग विभाग के सहायक आचार्य डॉ. शिल्पी गंगवार को जनशक्ति पोर्टल एवं मानव संसाधन से संबंधित कार्य सौंपा गया है।
प्रभारी प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि डॉ. नौशाद आलम कार्य ठीक नहीं है, जबकि डॉ. आरती चतुर्वेदी ने आरोप लगाया था कि एनएमसी के नोडल अफसर उनके दस्तोवजों की कॉपी करके प्रताड़ित कर रहे थे। हालांकि, इस मामले में डॉ. नौशाद आलम ने आरोप लगाया कि उन्होंने नियुक्ति के नियुक्ति के दस्तावेजों की जांच करके भ्रष्टाचार उजागर किया तो उन्हें हटा दिया गया। उनका दावा है कि यदि दस्तावेजों की जांच हो तो कई फैकल्टी की नौकरी जाएगी और जुर्माना भी लगेगा।