संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। वर्कशाॅप में ट्रांसफाॅर्मर होने के बाद भी फुंकने के बाद समय से नया ट्रांसफार्मर नहीं लग पा रहा है। जिससे लोगों को कई रातें अंधेरे में बितानी पड़ रही हैं। बिस्कोहर में 13 दिन में दूसरी बार ट्रांसफाॅर्मर जलने से कठेला चौराहा के ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। कम क्षमता, अधिक लोड, भीषण गर्मी और रखरखाव के अभाव में ट्रांसफाॅर्मरों के जलने का मुख्य कारण है। जानकारी के अभाव में ट्रांसफाॅर्मर लगने में एक सप्ताह से अधिक समय लग जा रहा है।
वर्कशाॅप के जेई संजय गौड़ ने बताया कि ट्रांसफाॅर्मर खराब होने की सूचना मिलने के 24 घंटे के अंदर ट्रांसफाॅर्मर बदलवा दिया जाता है। वर्कशाॅप में हमेशा पर्याप्त ट्रांसफार्मर रहते हैं। किसी भी जगह ट्रांसफाॅर्मर खराब होने पर उसकी तत्काल सूचना पावर हाउस के जेई को देना चाहिए। उसके बाद 24 घंटे के अंदर ट्रांसफाॅर्मर बदल दिया जाएगा।