संसदीय समिति ने सुपारी निर्यात करने की बनाई योजना
संवाद न्यूज एजेंसी
खुनुवां। नेपाल में सुपारी की खेती करने वाले किसानों की स्थिति सुधारने के लिए वहां की सरकार ने नई पहल की है। संसदीय समिति ने सुपारी को भारत में निर्यात करने का फैसला किया है। कृषि, सहकारिता एवं प्राकृतिक संसाधन समिति के अध्यक्ष डाॅ. आरजू राणा ने कहा है कि ऐसी शिकायतें मिली हैं कि नेपाली सुपारी को बाजार नहीं मिल रहा है। इसलिए यह कदम उठाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नेपाल में सुपारी की खेती करने वाले कई किसानों ने घाटे के चलते आत्महत्या कर ली है। किसानों की समस्या को देखते हुए उन्हें राहत देने के लिए सरकार पूरी तरह गंभीर है। एक आंकड़े के मुताबिक, नेपाल में पैदा हुई किसानों की 14 हजार मीट्रिक टन सुपारी न बिकने के कारण खराब हो गई।
उन्होंने बताया कि समिति ने मछली पालने वाले किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए भी आंतरिक चर्चा कर सरकार को समस्या से अवगत कराने की तैयारी की है।
इसी तरह मुख्य विपक्षी दल सीपीएन (यूएमएल) की सांसद सूर्यकुमारी श्रेष्ठ ने सरकार से कृषि क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों के घरों में कृषि तकनीशियनों की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने शिकायत की कि नेपाल से भी कम उपजाऊ भूमि वाले बांग्लादेश ने चावल उत्पादन में छलांग लगाई है। लेकिन उपजाऊ भूमि वाले नेपाल में सरकार, विकास के लिए कोई ठोस नीति नहीं बना रही है।
नेपाली कांग्रेस के सांसद और पूर्व मंत्री बीर बहादुर बालयार ने कृषि क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध नहीं होने के लिए सरकार की आलोचना की। उन्होंने सरकार को देश की जरूरतों के मुताबिक कृषि परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर ध्यान देने के लिए भी सचेत किया ।
बैठक में बांग्लादेश दौरे पर गए सांसदों ने वहां के कृषि क्षेत्र की प्रगति पर चर्चा की और सरकार का ध्यान इससे सीख लेकर आगे बढ़ने की ओर आकर्षित किया।