सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा के अलीगढ़वा कोतवाली में शुक्रवार को ऑपरेशन कवच के तहत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें एडीजी डॉ. केएस प्रताप कुमार ने ग्रामीणों से वार्ता की।
एडीजी ने कहा कि आज स्थिति यह है की ऑपरेशन कवच से नेपाल सीमा को सुरक्षित किया है। शहर के हर चौराहे यहां तक की गलियों पर हुई, इस तीसरी आंख की नजर है। जो ऑपरेशन त्रिनेत्र से संभव किया जा रहा है। आईजी आरके भारद्वाज ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा से 10 किलोमीटर अंदर आने वाले गांव में कुल 424 गांव के सापेक्ष 252 सीसी कैमरे ही लगे है। इसको पूर्ण करने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों, संभ्रांत व्यक्तियों, व्यापारियों से अपील किया कि सभी गांवों को सुरक्षा की दृष्टि से कैमरे लगाए जाएं।
जिला अधिकारी पवन कुमार अग्रवाल ने कहा ऑपरेशन कवच के तहत बनी सुरक्षा समितियों के सदस्यों से सटीक अपराधिक, संदिग्धों की पहचान कराने में इनकी भूमिका अहम है। पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने कहा सीमा से सटे गांव व अन्य गांवों चौराहों पर सीसी कैमरा लगाने की मुहिम चल रही है।
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सीमा पर गश्त कर लिया जायज
एडीजी ने अलीगढ़वा जाकर चौड़ा सीमा पर गश्त कर सुरक्षा का जायजा लिया। नेपाल सशस्त्र बल चाकरचौडा बीओपी प्रभारी डीएसपी धीरेंद्र शाह व थाना चाकर चौड़ा प्रभारी प्रेम कठायत सहित पुलिस अधिकारियों के साथ सीमा पर वार्ता की। 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले श्रीराम मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के मद्दे नजर नेपाल सीमा सुरक्षा अधिकारियों से सहयोग की बात कही।
इस दौरान आईजी बस्ती, डीएम, एसपी, एसएसबी कमांडेंट उज्ज्वल दत्ता, कमांडेंट आरके डोगरा, अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ, सीओ सदर अखिलेश वर्मा, कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार, ग्राम प्रधान महदेवा कुर्मी अजीजुद्दीन, ई. प्रदीप कुमार चौधरी, नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष शहबाज आलम, प्रधान संघ अध्यक्ष पवन मिश्र, सब्लू साहनी आदि मौजूद रहे।
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एडीजी ने ग्राम प्रहरी में बांटे कंबल
एडीजी ने कोतवाली क्षेत्र में आने वाले ग्राम प्रहरियों में ठंड को देखते हुए कंबल वितरित किया गया। कंबल पाकर प्रहरियों के चेहरे पर मुस्कान दिखी।