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Siddharthnagar News: घर से भागने वालों के लिए नेपाल बना मुफीद

Sat, 02 Mar 2024 11:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। घर छोड़कर भागने वाले प्रेमियों के लिए नेपाल नया ठिकाना बन चुका है। अपनों की नजरों से बचने और पकड़ दूर रहने के लिए नेपाल को चुन रहे हैं। हाल ही में दो ऐसे मामले सामने आए, जिसमें एसएसबी की सतर्कता से दो लड़के और लड़की पकड़ी गईं। जिन्होंने पूछताछ में बताया कि वह परिवार को बिना बताए भागे हैं। वह नेपाल में शादी करने के लिए जा रहे थे। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है कि नेपाल में उन्हें ना तो ट्रेस किया जा सकता है और न ही उनका पता लगाया जा सकता है।
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भारत-नेपाल की सीमा खुली हुई है। बाॅर्डर पर सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय पुलिस तैनात है। लेकिन बिना रोक टोक दोनों देशों से लोग आते- जाते हैं। संदिग्ध दिखने के बाद ही सुरक्षा एजेंसियां रोककर पूछताछ करती हैं। इसके बाद कार्रवाई करती है। मौजूदा समय में घर से भागने वाले पे्रमी नेपाल को ही चुन रहे हैं। पुलिस विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि नेपाल भागने के पीछे सबसे बड़ा कारण है कि उन्हें आसानी से कोई पकड़ नहीं पाएगा। भारत में कहीं भी रहने मोबाइल के अलावा पुलिस कई गोपनीय तकनीकी का प्रयोग करती है, जिसके जरिए देर सबेर पकड़ लिए जाते हैं। लेकिन नेपाल बाॅर्डर पार होने के बाद भारतीय पुलिस का सारा तंत्र और नेटवर्क फेल हो जाता है। इसलिए शादी के लिए घर छोडऩे वाले नेपाल को चुन रहे हैं। सीमा पर सतर्कता के चलते कई बार पकड़ लिए जाते हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में पता नहीं चलता है। समाजशास्त्री इसे चिंताजनक बता रहे हैं।

परिवार वाले स्वीकार नहीं करते इसलिए नेपाल चुना

21 फरवरी को एसएसबी के धनौरा सीमा चौकी की टीम एक युवक और एक किशोरी को संदेह होने पर पकड़ लिया। यह सिद्धार्थनगर जिले के बांसी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव के निवासी थे। पूछताछ में बताया कि परिवार को जानकारी दिए बिना शादी करने के लिए नेपाल जा रहे थे। क्योंकि परिवार स्वीकार नहीं करता। एक रिश्तेदार के यहां जाकर शादी करते। जब लड़की के पिता से बात हुई तो उसने कहा कि नेपाल में उसका कोई रिश्तेदार नहीं है। बिना बताए लड़की घर छोड़कर चली गई है।
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शादी के लिए नाबालिग जा रही थी नेपाल

24 फरवरी को एसएसबी ककरहवा और एएचटीयू ने सीमा पार करने की कोशिश करते हुए एक युवक और किशोरी को रोका। पूछताछ में पता चला कि दोनों नेपाल जाकर शादी करेंगे। इसके बाद एएचटीयू ने जब लड़की के पिता से बात की तो उसने बताया कि लड़की बिना बताए घर से भाग गई है। एक बार और आरोपी उसे लेकर भागा था। वह नेपाल जा रहे हैं, हमें कोई जानकारी नहीं है। खोजबीन कर रहे थे।

राजस्थान से नेपाल बार्डर पहुंच गई किशोरी

२७ फरवरी को एसएसबी ४३वीं वाहिनी सीमा चौकी खुनुवां की टीम ने चेकिंग के दौरान एक युवक और किशोरी पकड़े गए। पूछताछ में पता चला कि युवक और किशोरी राजस्थान के अलवर जनपद के निकले। किशोरी के पिता से संपर्क किया गया तो उसने कहा कि बेटी को बचा लीजिए वह नेपाल न जाने पाए। बिना बताए घर से निकली है। खोजबीन की जा रही थी। एसएसबी की सतर्कता से यह लोग बच गए, लेकिन न जाने कितने लोग सीमा पार करके जा रहे हैं।

इस प्रकार होती है कार्रवाई

एसएसबी की ओर से जब भी बार्डर पर नाबालिग पकड़े जाते हैं तो एसएसबी एएचटीयू को बुलाकर उसे सुपुर्द करती है। इसके बाद एएचटीयू न्याय पीठ बाल कल्याण समिति को सुपुर्द करती है। परिजनों के आने तक वन स्टाप सेंटर में रखा जाता है। परिजनों की ओर से यह कह दिया जाता है कि उन्हें कार्रवाई नहीं करनी है। इसके बाद लिखापढ़ी करके उन्हें सुपुर्द कर दिया जाता है।

बार्डर पर कोई किशोर और किशोरी के पकड़े जाने के बाद सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। परिजनों को बुलाया जाता है। इसके बाद लिखापढ़ी करके सुपुर्द किया जाता है। अगर कोई चाहता है कि केस दर्ज किया जाए तो मुकदमा भी दर्ज किया जाता है।
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श्रीप्रकाश यादव, प्रभारी एएचटीयू
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