शोहरतगढ़। नगर पंचायत के शिव नगर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार शाम को कथा वाचक आचार्य चितरंजन पांडेय ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने भक्तों का उद्धार व पृथ्वी को दैत्य शक्तियों से मुक्त कराने के लिए अवतार लिया था। जब-जब पृथ्वी पर धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान धरती पर अवतरित होते हैं।
कथावाचक ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग व उनके जन्म के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी, तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। सात संतानों के बाद जब देवकी गर्भवती हुई, तो उसे अपनी इस संतान की मृत्यु का भय सता रहा था। भगवान की लीला वे स्वयं ही समझ सकते हैं। भगवान कृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सभी बंधन टूट गए और भगवान श्रीकृष्ण गोकुल पहुंच गए। कथा का संगीतमयी वर्णन सुन श्रद्धालुगण झूमने लगे। संगीत कलाकारों ने श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की बहुत ही मनमोहक झांकी प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के जयकारे से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। महिलाओं ने बधाई व सोहर गाया। आयोजक पंकज कुमार ने अतिथियों को धार्मिक पुस्तक भेंटकर प्रसाद वितरण किया। इस दौरान गुड्डू पांडेय, पुनीत कुमार, प्रफुल्ल, मालती श्रीवास्तव, नलिनी, पूजा, स्वाती, डाली आदि उपस्थित रहे।