सिद्धार्थनगर। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने हत्या अभियुक्त सरबजीत की जमानत अर्जी खारिज कर दी। घटना खेसरहा थानाक्षेत्र के ग्राम दनियावर में बंटवारे के विवाद के दौरान छह मई 2023 को शाम को हुई थी। गांव निवासी दुर्गाप्रसाद ने थाने पर तहरीर देकर कहा कि बंटवारे के विवाद में उसके भाई ब्रम्हानंद यादव, भाभी प्रभावती व भतीजी मीरा को उसके सगे भाई फूलचंद यादव, भतीजा अमरजीत, सरबजीत व गोलू पुत्र मथुरा यादव ने मिलकर हमला कर दिया।
उन्होंने जान से मारने की नीयत से लाठी, डंडा, सरिया से लोगों को मारे-पीटे तथा गाली-गुप्ता धमकी भी दिए। इससे ब्रम्हानंद को काफी-चोट लग जाने के कारण परिवार के लोग अस्पताल लेकर चले गये। स्थिति गंभीर होने के कारण जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के लिये रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मारपीट जानमाल की धमकी व हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर विवेचना किया। इसी बीच ब्रम्हानंद को मेडिकल कॉलेज गोरखपुर ले जाते समय मृत्यु हो गई।
राज्य सरकार की तरफ से पीड़ित पक्ष की पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता अखिलेश नारायण श्रीवास्तव ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध किया। न्यायालय ने जमानत पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद केस डायरी एवं अन्य प्रपत्रों का अवलोकन किया। न्यायालय ने कहा कि मामला गंभीर व जघन्य प्रकृति के अपराधों हत्या आदि से संबंधित है। अभियुक्त सरबजीत यादव की जमानत का पर्याप्त आधार न पाते हुए यह जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किये जाने योग्य है।