कुलपति, मेयर और नगर आयुक्त ने करार पर किए हस्ताक्षण, हरी झंडी दिखाकर गाड़ी को किया रवाना
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल गोरखपुर विश्वविद्यालय के विभिन्न शैक्षणिक परिसर, आवासीय परिसर, कार्यालयों एवं छात्रावासों से निकलने वाले कूड़े का नगर निगम निस्तारण करेगा। साथ ही इसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करेगा। इसके लिए नगर निगम और गोरखपुर विश्वविद्यालय के बीच करार हुआ है। कुलपति, मेयर और नगर आयुक्त ने करार पर हस्ताक्षर किए।
करार के तहत विश्वविद्यालय परिसर के 10 विभागों और कार्यालयों से प्रतिदिन कचरे का एकत्रीकरण, परिवहन एवं निस्तारण का कार्य किया जाएगा। हरित राष्ट्रीय प्राधिकरण (एनजीटी) के निर्देशानुसार ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम एवं नगर निगम अधिनियम 1959 के तहत विश्वविद्यालय के विभिन्न परिसरों एवं आवासों से कचरे का वैज्ञानिक विधि से निस्तारण किया जाना आवश्यक था।
नगर निगम द्वारा प्रतिदिन विश्वविद्यालय, सभी छात्रावासों एवं आवासीय परिसरों से डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्र कराएगा। इसके लिए यूजर चार्ज भी लेगा। नगर निगम ने इस काम के लिए व्हील बैरो विश्वविद्यालय प्रबंधन को दिए हैं, जिसके द्वारा विश्वविद्यालय परिसर के सफाई कर्मचारी अपने कचरे को एक स्थल पर एकत्रित कर सकें। नगर निगम की कूड़ा गाड़ी वहां से कचरे का परिवहन कर लेगा।
इस व्यवस्था की निगरानी के लिए सुरेंद्र सिंह, राम विजय पाल की जिम्मेदारी तय की गई है। जबकि कचरा एकत्रीकरण में किसी भी प्रकार की शिकायत या सुझाव के लिए सुधीर श्रीवास्तव को संबद्ध किया गया है। करारा पर हस्ताक्षर करने के साथ ही वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया गया। इस दौरान अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, डॉ. मणिभूषण तिवारी एवं विश्वविद्यालय एवं एसबीएम की टीम उपस्थित रही।
0- विश्वविद्यालय के अलावा इन कॉलोनियों को भी जोड़ा गया
विश्वविद्यालय की हीरापुरी कॉलोनी, मुंशी कॉलोनी, प्रोफेसर कॉलोनी, प्रोफेसर कॉलोनी (स्वच्छक), विश्वविद्यालय परिसर, याकची कंपाउंड शिक्षक, याकची कंपाउंड कर्मचारी, स्वास्थ्य केंद्र परिसर, नाथ चंद्रावत छात्रावास, लक्ष्मीबाई गर्ल्स हॉस्टल, अलखनंदा गर्ल्स हॉस्टल, अंतरराष्ट्रीय नेपाली छात्रावास, एससी/एसटी/ओबीसी गर्ल्स हॉस्टल, राम प्रताप छात्रावास, विवेकानंद छात्रावास, संत कबीर छात्रावास, बुद्ध छात्रावास, खेल छात्रावास।