सिद्धार्थनगर। बांसी ब्लॉक के ग्राम पंचायत गोनहाताल पश्चिमी के प्रधान जगजीवन ने नाबालिग बेटा व बेटी के नाम से मनरेगा मजदूरी का भुगतान कर दिया। मामले की जांच में अनियमितता की पुष्टि होने पर डीएम पवन अग्रवाल ने ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दिया। साथ ही ग्राम प्रधान पद के अधिकारों एवं कर्तव्यों के संचालन के लिए ग्राम पंचायत के निर्वाचित सदस्यों में तीन सदस्यों की कमेटी के गठन के निर्देश दिए हैं।
शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार आदि ने 20 अप्रैल 2022 एवं नौ जुलाई 2022 को डीएम को शिकायती पत्र दिया था। जिसकी जांच के लिए अधिशाषी अभियंता निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग बांसी को जांच अधिकारी नामित किया गया था। जांच अधिकारी के रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत में नाबालिक लोगों के जाब कार्ड बनाये गये है, तथा उनके नाम से मस्टररोल निकाला गया है। यहां तक कि ग्राम प्रधान द्वारा स्वयं अपने बच्चों के नाम से जाब कार्ड बनवाया गया है तथा मस्टररोल भरा गया है एवं धनराशि भी उनके खातों मे अंतरित करायी गयी है। जांच आख्या में उल्लिखित तथ्यों के आधार पर ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस निर्गत की गयी। ग्राम प्रधान की तरफ से प्रस्तुत उत्तर में बताया गया कि उन्हें मनरेगा गाइड लाइन की कोई जानकारी नहीं थी। परंतु सचिव व रोजगार सेवक को मनरेगा की गाइड लाइन की जानकारी होते हुए उनके द्वारा मेरे पुत्र व पुत्री के नाम से पैसा निकाला गया। उनके द्वारा यह भी उल्लिखित किया गया है कि जो धनराशि बच्चों के खातों में आई थी, उसे सरकारी खाते में जमा कर दिया गया है। ग्राम प्रधान द्वारा यह अनुरोध किया गया है कि उनके द्वारा भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं की जायेगी तथा उनके दोष को माफ किया जाय।
इस प्रकार ग्राम प्रधान द्वारा अनियमितता को स्वीकार कर लिया गया है। डीएम पवन अग्रवाल ने ग्राम प्रधान जगजीवन ग्राम पंचायत गोनहाताल पश्चिमी विकास खंड बांसी के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। साथ ही ग्राम प्रधान पद के उक्त अधिकारो एवं कर्तव्यों के संचालन के लिए ग्राम पंचायत के निर्वाचित सदस्यों में से तीन सदस्यों के कमेटी के गठन का निर्णय लिया जाता है। उन्होंने मामले की अंतिम जांच के लिए परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को जांच अधिकारी नामित किया है।
47 रुपये भुगतान
ग्राम प्रधान द्वारा प्रस्तुत उत्तर का परीक्षण कराया गया, जिसकी आख्या के अनुसार जाब कार्ड संख्या 507 पर ग्राम प्रधान के नाबालिक पुत्री कु. सुधा यादव का नाम दर्ज है जिनकी जन्मतिथि आठ मार्च 2006 है। सुधा यादव के नाम को 26 अगस्त 2022 को डिलीट कर दिया गया है। जिसके नाम पर निकले तीन मस्टररोल पर 4347 रुपये का भुगतान किया गया है। ग्राम प्रधान के नाबालिक पुत्र संतोष कुमार यादव की जन्मतिथि 15 मई 2007 है जिसको जाॅब कार्ड संख्या 504 जारी किया गया है। इस जाब कार्ड पर निकले तीन मस्टररोल पर 5712 रुपये का भुगतान किया गया है। अभिलेखों के परीक्षण से स्पष्ट हुआ है कि मनरेगा कार्यों पर नियोजित किये जाते समय दोनों नाबालिग थे। ग्राम प्रधान द्वारा के उत्तर में भी इस तथ्य को स्वीकार किया गया है।
सेक्रेटरी व रोजगार सेवक पर भी होगी कार्रवाई
अनियमिता के इस मामले में सचिव व रोजगार सेवक भी दोषी पाए गए है। डीएम पवन अग्रवाल ने जिला विकास अधिकारी को निर्देश दिया है कि तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव कु. श्रद्धा श्रीवास्तव से मामले के संबंध मे स्पष्टीकरण प्राप्त कर उसका परीक्षण करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। साथ ही उपायुक्त श्रम एवं रोजगार को निर्देश दिया है कि संबंधित ग्राम रोजगार सेवक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई कर अवगत कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को निर्देश दिया है कि अंतिम जांच की कार्रवाई पूर्ण करके जांच आख्या शीघ्रातिशीघ्र प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।