फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: नाबालिग को फंसाया और सोशल मीडिया में वायरल कर दिया अश्लील फोटो

विज्ञापन
विज्ञापन
बाल कल्याण समिति ने लिया मामले का संज्ञान, पीड़ित के परिजन को भयमुक्त कर दिलाएंगे न्याय
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में 16 साल की नाबालिग को प्रेमजाल में फंसाने और उसका अश्लील फोटो सोशल मीडिया में वायरल करने के मामले में कार्रवाई होगी। यह मामला करीब 15 दिन पुराना है। वायरल हुए सभी फोटो बाल कल्याण समिति को प्राप्त हुए हैं और समिति ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया है।
थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक युवक ने नाबालिग को प्रेमजाल में फंसाने के बाद उसके ब्लैकमेल करना शुरू दिया। पता चला है कि वह नाबालिग लड़की को गुमराह करता रहा। इसी बीच किसी बात पर नाराज युवक ने उसका अश्लील फोटो सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। इस मामले में पीड़ित लड़की की मां ने सामाजिक ताना-बाना के भय से पुलिस में शिकायत नहीं की और विनती मनुहार करके फोटो डिलीट करवा ली, लेकिन फोटो डिलीट होने से पहले ही कुछ अराजकतत्वों ने उसे सेव कर लिया और फोटो वायरल होती रही। इस मामले की भनक पुलिस को नहीं लगी और थाने में मौजूद बाल कल्याण अधिकारी ने भी स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई नहीं की। अब वायरल फोटो को प्राप्त होने पर बाल कल्याण समिति ने कार्रवाई शुरू की है।
विज्ञापन

बाल कल्याण समिति के सदस्य वीरेंद्र मिश्र ने बताया कि शोहरतगढ़ में नाबालिग लड़की के फंसाने और उसका अश्लील फाेटो वायरल करने का मामला गंभीर है। इस मामले में पीड़ित परिवार को भयमुक्त करके उसे न्याय दिलाया जाएगा। उन्होंने राज्य बाल संरक्षण आयोग, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग, जिलाधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है। समिति ने स्वत: संज्ञान लिया है। इस मामले में आरोपी को हर हाल में सजा दिलाई जाएगी।
विज्ञापन

-

पाॅक्सो एक्ट हटाने के मामले में कार्रवाई
सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के एक वार्ड में डेढ़ माह पहले किशोरी से छेड़खाने के मामले में भी बाल कल्याण समिति ने जवाब मांगा है। इस मामले में रिपोर्ट में किशोरी को बालिग बताकर पाॅक्साे एक्ट हटाने का आरोप है। पीड़िता की मां का कहना है कि उसने आधार कार्ड के आधार पर तहरीर दी थी, लेकिन स्कूल में जन्मतिथि में छेड़छाड़ वाले रजिस्टर को आधार मानकर पुलिस ने किशोरी को बालिग दिखा दिया। इस मामले में पुलिस ने बाल कल्याण समिति को सूचना नहीं दी थी। इस मामले में थानाध्यक्ष पंकज पांडेय का कहना है कि स्कूल रजिस्टर में अंकित जन्मतिथि के आधार पर पाॅक्सो एक्ट हटाया गया है, जबकि स्कूल रजिस्टर में छेड़छाड़ हुआ हो तो यह पुलिस का मामला नहीं है। इस मामले में अब शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी जवाब देना होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें