सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विभाग में लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट (मिल्क बैंक) स्थापित किया गया है। लेकिन, स्टॉफ का प्रशिक्षण नहीं हो पाने से एक वर्ष बाद भी मिल्क बैंक शुरू नहीं हो सका। इससे नवजातों को मिल्क बैंक की सुविधा नहीं मिल पा रही है। लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट के शुरु होने से नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) गंभीर रूप से बीमार बच्चों के इलाज में मदद मिलती। चिकित्सकों के अनुसार, एसएनसीयू में एक माह उम्र तक के गंभीर रूप से बीमार बच्चों को भर्ती किया जाता है। इसमें जो बच्चे गंभीर होते हैं और स्तनपान नहीं कर पाते हैं तो उन्हें मां का दूध नली या चम्मच से पिलाया जाता है। इसके लिए मिल्क बैंक में मशीन के माध्यम से पहले मां का दूध निकाला जाता है और उसे सुरक्षित तरीके से रखा जाता है। आवश्यकतानुसार प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी दूध को बच्चों को पिलाते हैं। फिलहाल गंभीर रूप से बीमार बच्चे को दूध पिलाने के लिए न बाहर लाना होगा और न ही मां को अंदर जाने की नौबत नहीं आएगी। चिकित्सकों ने बताया कि इससे संक्रमण की आशंका कम होती है, लेकिन अभी तक लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट शुरु नहीं होने से मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।