सिद्धार्थनगर। घर पर होली मनाने आए प्रवासियों को वापसी में ट्रेन व बस में धक्के खाने पड़ रहे हैं। ट्रेन में सीटें फुल होने के कारण आरक्षण के लिए भी मारामारी झेलनी पड़ रही है। वहीं, रोडवेज परिसर में बस नहीं मिलने से यात्री परेशान दिखे।
होली पर्व खत्म होने के बाद बड़े शहरों से घर आए प्रवासी और बाहर रहकर पढ़ाई कर रहे छात्र वापस जाने लगे हैं। जिले के सिद्धार्थनगर, शोहरतगढ़ व बढ़नी सभी रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ देखी जा रही है। दिल्ली और मुंबई के लिए ट्रेनें फुल हो चुकी हैं। सीट न मिलने से जनरल बोगी में चढ़ने के लिए भी मारामारी हो रही है। ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। अप और डाउन लाइन की गाड़ियों में आरक्षण की लंबी वेटिंग चल रही है। ऐसे में त्योहार पर घर आए यात्रियों को ट्रेन में टिकट के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है।
रोडवेज बसों की सुविधा लखनऊ, गोरखपुर, बस्ती आदि के लिए पर्याप्त है पर दिल्ली और मुंबई के लिए लोगों को सिर्फ ट्रेन का ही सहारा है। लखनऊ के लिए ट्रेन का किराया 120 से 135 रुपये लगते हैं जबकि रोडवेज में लखनऊ का किराया लगभग 250 रुपये है। ऐसे में लोग ट्रेन से यात्रा करना सुरक्षित और मुफीद समझ रहे हैं। स्टेशन पर मुंबई के लिए टिकट आरक्षित कराने आए अशफाक का कहना था कि 20 दिन तक ट्रेन में सीट फुल होने से बहुत दिक्कत है लग रहा है कि जनरल में ही परिवार सहित यात्रा करनी पड़ेगी। सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन के कार्यवाहक स्टेशन अधीक्षक उमाकांत सिंह ने बताया कि इस रूट पर निर्धारित ट्रेनों का संचालन हो रहा है। जनरल डिब्बों में भी भीड़ देखी जा रही है। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक जगदीश प्रसाद ने कहा कि लखनऊ, गोरखपुर, बलरामपुर, बस्ती, वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों के लिए रोडवेज की बसें संचालित हैं।