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जिला अस्पताल में दवाएं नहीं, मरीज परेशान

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जिला अस्पताल के ओपीडी में दवा लेने के लिए कतार में खड़े मरीज के तीमारदार। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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जिला अस्पताल में दवाएं नहीं, मरीज परेशान
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- बाहर से महंगे दर पर दवा खरीद रहे लोग, जिम्मेदार बेपरवाह
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला चिकित्सालय में दवाओं की कमी है। ओपीडी एवं भर्ती मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से कुछ दवाएं खरीदनी पड़ रही है।
बदलते मौसम में जिला अस्पताल में उल्टी, दस्त व बुखार व अन्य बीमारियों के मरीज बढ़ गए हैं। ओपीडी में सोमवार को 1,184 मरीज इलाज कराने पहुंचे थे। इनमें से अधिकतर को काउंटर से पूरी दवाएं नहीं मिली। उन्हें मजबूरी में बाहर से महंगी दर पर दवा खरीदनी पड़ी।
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मेडिकल कॉरपोरेशन ने पांच जुलाई के बाद दवा नहीं भेजी है। इस कारण जिला अस्पताल में दवाओं की कमी हो गई है। जिन मरीजों के पर्चे पर डॉक्टर चार-पांच प्रकार की दवा लिख रहे हैं, उन्होंन दो-तीन प्रकार की ही दवा मिल रही है।
मेडिकल कॉलेज ने स्थानीय स्तर पर कुछ दवाइयां खरीदी है, जबकि बीआरडी मेडिकल कॉलेज के दर अनुबंध के अनुसार भी दवा खरीदी जा रही है। इसके बावजूद भी दवाइयों की कमी दूर नहीं हो रही है।
एंटी बॉयोटिक की कमी
ओपीडी के दवा काउंटर पर मिलने वाली दवाइयां दोपहर 12 बजे के बाद खत्म होने लगती है। जो मरीज दोपहर बाद काउंटर पर पहुंच रहे हैं, उन्हें पूरी दवा नहीं मिल पा रही है। डॉक्टरों के अनुसार जिला अस्पताल में एंटी बॉयोटिक दवाओं की कमी हो गई है। मेट्रोजिल इंजेक्शन, नार्मल स्लाइन, बच्चों के लिए एंटी बॉयोटिक मेरोपेनम एवं टेजोबैक्टल नहीं है। झटका की बामारी में इस्तेमाल होने वाला पीएचबी इंजेक्शन भी नहीं है। दर्द की दवा ट्रामाडाल और डाइक्लोफेनिक टबलेट भी नहीं है। पैरासीटामाल से ही मरीजों का दर्द दूर किया जा रहा है।
मरीजों को सस्ते दर पर नहीं मिल रही दवाएं
जिला अस्पताल परिसर में जन औषधि केंद्र नहीं है। इस कारण मरीजों को सस्ते दर की दवाइयां नहीं मिल पा रही है। जिस ठेकेदार से अनुबंधन हुआ था, उसने परिसर में जन औषधि केंद्र शुरू नहीं किया है।
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नहीं लगा है दवा का चार्ट
जिला अस्पताल के मेडिकल स्टोर में दवा का चार्ट नहीं लगता है। इस कारण मरीज, परिजन को पता नहीं चल पाता है कि कौन सी दवा है और कौन सी नहीं हैं।
जिला अस्पताल में कुछ दवाइयों की कमी है। एक सप्ताह पहले ही चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय को पत्र भेजा गया है। जब तक दवा की कमी है, तब तक स्थानीय स्तर पर क्रय किया जा रहा है। अब तक जन औषधि केंद्र नहीं खुला है। इस मामले में भी उच्च अधिकारियों को कई पत्र भेजे गए हैं।
- डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य
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