सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में नशा मुक्ति छात्रावास समितियों का गठन होगा, जिसमें छात्र, शिक्षक व कर्मचारी नशा मुक्ति के लिए लोगों को जागरूक करेंगे। ये समितियां मेडिकल कॉलेज से बाहर भी नशामुक्ति की पाठशाला चलाएंगी, क्योंकि ओपीडी के मरीजों में ऐसे लोग मिल रहे हैं, जिनकी बीमारी नशा के कारण हुई है।
नेशनल मेडिकल कमीशन ने मेडिकल कॉलेजों में नशा मुक्त भारत अभियान लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस पहल का उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में बड़े पैमाने पर जागरूकता, परामर्श, उपचार और देखभाल के साथ-साथ सभी कॉलेजों संस्थानों में नशा मुक्त छात्रावास समिति के गठन के माध्यम से मादक द्रव्यों के सेवन के खतरे से बचने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस क्रम में नशा मुक्त छात्रावास समितियां गठित की जाएंगी। अभियान के तहत गतिविधियों की वार्षिक अनुसूची का निर्माण हाेगा।
छात्रों, शिक्षकों और कॉलेज के अन्य कर्मचारियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलेगा। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग भी इस अभियान में भाग लेंगे। समिति की संरचना, उसके सदस्यों की भूमिकाएं और जिम्मेदारियां, अभियान के तहत गतिविधियों की सूची, छात्रावासों में छात्रों की निरंतर सहायता के लिए संरचित दृष्टिकोण और व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
एनएमसी से नशा मुक्ति छात्रावास समिति के गठन के लिए निर्देश मिले हैं। इसके लिए मेडिकल कॉलेज में नोडल नियुक्त भी कर दिए गए हैं। जल्द ही समितियां बनाकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
- प्रो. राजेश मोहन, प्राचार्य