डुमरियागंज क्षेत्र के ग्राम हल्लौर में जायरीनो के वापस आने पर आयोजित मजलिस को संबोधित करते जाकि
सिद्धार्थनगर। अल्लाह हर शिया मुसलमान को कर्बला की ज़ियारत नसीब करें, हमारी तरह हर किसी को ये ज़ियारत नसीब हो। कर्बला की जियारत करके वापस आने वाले लोग अपनी जिंदगी और किरदार में बदलाव करते हुए नेकी और भलाई के रास्ते पर चलें। ये बातें ज़ाकिरे अहलेबैत जमाल हैदर करबलाई ने बुधवार को डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित बड़े इमामबाड़े में कर्बला से जियारत कर वतन ग्राम हल्लौर शिया श्रद्धालुओं के वापस लौटने पर आयोजित मजलिस को संबोधित करते हुए कहीं।
हल्लौर कस्बे से जायरीनों का जत्था 28 मई को कर्बला, ईरान, इराक, नजफ आदि स्थानों पर स्थित प्रमुख धार्मिक स्थल (रौजे) की जियारत के लिए रवाना हुआ था, जो बुधवार को सकुशल हल्लौर वापस लौट आया। इस दौरान आफ़ताब हैदर, फरमान अब्बास, इरफान, जावेद, लकी हल्लौरी, ताकीब रिज़वी, हैदर अब्बास, असगर, इंतेज़ार शबाब, काजिम कर्बलाई , काज़िम रजा, नफीसुल हसन, कामयाब, तशबीब हसन, असकरी, जलाल, जमाल, अली बाबा, दददू मौलाना, मोजिज़, लल्ला आदि लोग मौजूद रहे।