शोहरतगढ़। श्रीराम कथा हमें मर्यादा में रहना सिखाती है, मनुष्य के जीवन को सही मार्गदर्शन भी करती है, जो मनुष्य सच्चे मन से श्रीराम कथा का श्रवण कर लेता है। उसका लोक ही नहीं परलोक भी सुधर जाता है। मनुष्य जीवन बहुत दुर्लभ है और बहुत सत्कर्मों के बाद ही मनुष्य का जीवन मिलता है। यह बातें शोहरतगढ़ के नीबी दोहनी में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के पहले दिन रविवार शाम को वाचक आचार्य मारुति नंदन ने कही। इस दौरान आयोजक राममिलन त्रिपाठी, सुशीला त्रिपाठी, हिमांशु त्रिपाठी, रोहिणी त्रिपाठी, रवि अग्रवाल, वकील खान आदि मौजूद रहे। संवाद