खुनियांव ब्लॉक क्षेत्र के ऊंचडीह गांव में आयोजित हुआ भागवत कथा
इटवा। खुनियांव ब्लॉक क्षेत्र के ऊंचडीह गांव में आयोजित भागवत कथा के छठवें दिन कथावाचक धीरू भाई महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला का वर्णन किया। इसे सुनकर श्रोता मुग्ध हो गए।
कथा में उन्होंने कहा कि कालिया नाग का मान मर्दन करते हुए भगवान ने बाल रूप में ही कई राक्षसों का अंत किया और माखन चोरी की लीला की। कहा कि भगवान कृष्ण ने माखन इसलिए नहीं चुराया कि वह माखन के भूखे थे बल्कि उन्होंने माखन इसलिए चुराया कि माखन से कोमल कुछ नहीं होता और गोपियों का ह्रदय माखन से भी कोमल था।
कहा कि जीव को जगदीश तक पहुंचने के लिए धन की नहीं सच्चे मन की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना भगवान शीघ्र ही सुन लेते हैं। भगवान को अहंकार पसंद नहीं है। वह अपने प्रियजनों के अंहकार को दूर करने के लिए कुछ न कुछ करते रहते हैं।
कहा कि एक बार देवराज इंद्र को अभिमान हो गया तो उनके अहंकार को दूर करने के लिए भगवान को विशाल गोवर्धन पर्वत को कनिष्ठा अंगुली पर सात दिन व सात रात तक धारण करके उनके अहंकार को दूर करना पड़ा।
इस अवसर पर आयोजक अनिल त्रिपाठी, पूर्व बीएसए राम सिंह, राघवेंद्र त्रिपाठी, प्रिंस मिश्र, ज्ञानेंद्र मिश्र, राम सजन, विजय श्याम द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
''''धरती पर पाप बढ़ने पर भगवान लेते हैं अवतार''''
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संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। स्थानीय ब्लाॅक क्षेत्र के हिजुरा गांव में शनिवार रात कथा वाचक पं. बुद्धि सागर पांडेय ने श्रीकृष्ण जन्म की कथा का रसपान कराया। सोहर व मंगलगीत से पूरा पंडाल कृष्णमय हो गया।
कथावाचक ने कहा कि धरती पर जब-जब पाप, अनाचार बढ़ जाता है और धर्म की हानि होती है, तब-तब ईश्वर अवतार लेकर पापियों का विनाश कर धर्म की रक्षा करते हैं। इसी प्रकार मथुरा के राजा कंस के अत्याचार से पृथ्वी कंपायमान हो गई, तब भगवान विष्णु ने कंस के कारागार में देवकी के गर्भ से अवतार लेकर धर्म की रक्षा की। इस मौके पर भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप की झांकी ने सबका मन मोह लिया। महिलाओं के द्वारा गाए गए सोहर व मंगलगीतों से पूरा पंडाल कृष्णमय हो गया। इस दौरान शिव प्रकाश पांडेय, राम सुभाष यादव, राम प्रसाद यादव, केशव राम, विनय कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद
कंस वध का प्रसंग सुनकर रोमांचित हुए श्रद्धालु
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डुमरियागंज क्षेत्र के जखौली गांव में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन उमड़े श्रद्धालु
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डुमरियागंज। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के जखौली गांव में शनिवार की रात कथावाचक पं. सुनील शास्त्री महाराज ने कंस वध की कथा सुनाई। इस दौरान कृष्ण और राधा की मनोहारी झांकी देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कथावाचक ने बताया कि कंस ने मथुरा में आतंक मचा रखा था। भगवान कृष्ण ने उसका वध कर आतंक से मुक्ति दिलाई। दुष्ट कंस के बुलाने पर श्री कृष्ण बड़े भाई के साथ मथुरा पहुंच गए। मल्ल युद्ध के बाद श्रीकृष्ण ने कंस का वध किया। उसके बाद श्री कृष्ण के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा।
इस दौरान सालिक राम श्रीवास्तव, सूरज श्रीवास्तव, हरिराम पांडेय, आशीष श्रीवास्तव, पायल श्रीवास्तव आदि मौजूद रहीं।
सीता हरण देखकर श्रद्धालु हुए भावविभोर
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भवानीगंज। नगर पंचायत बढ़नी चाफा में आदर्श श्री राम लीला समिति की ओर से मंचन के छठवें दिन कलाकारों ने वाटिका, सीता हरण आदि का मंचन किया।
पात्रों ने दिखाया कि रावण मामा मारीच के पास पहुंचता है। मारीच सोने के हिरण का रूप लेकर माता जानकी की कुटिया के पास पहुंचता है। सीता के कहने पर श्रीराम उसको मारने के लिए उसके पीछे चले जाते हैं। श्रीराम मारीच को मारते हैं, तभी मारीच चिल्लाता है। माता सीता लक्ष्मण को मदद के लिए भेजती हैं।
लक्ष्मण रेखा खींचकर चले जाते हैं। इसी बीच रावण ब्राह्मण के रूप में भिक्षा मांगता है और सीता का हरण कर ले जाता है। जब दोनों भाई लौटकर कुटिया में आते हैं तो उनको सीता नहीं मिलती हैं। तब वे सीता की खोज करने निकल जाते हैं। उन्हें जटायु घायल अवस्था में मिलता है। जटायु से सीता हरण की जानकारी मिलती है।
इस दौरान कार्यक्रम अध्यक्ष विद्यासागर गुप्ता, कपिलदेव, मुन्ना लाल, अमर गुप्ता, रिंकू गुप्ता, मनोज यादव, इंद्रजीत यादव, आकाश सोनी, धर्मराज वर्मा आदि मौजूद रहे।