शोहरतगढ़। संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से संकटों व कष्टों से मुक्ति मिलती है और आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति होती है।
यह बातें रविवार की शाम श्रीरामजानकी मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के पहले दिन कथावाचक डॉ. संत शरण त्रिपाठी ने कही।
संगीत के माध्यम से कथा सुनाते हुए कहा कि सृष्टि के रचयिता भगवान विष्णु ने लोक कल्याण व भक्तों की रक्षा के लिए श्रीराम, परशुराम व वामन अवतार धारण कर भक्तों की रक्षा की थी। श्रीराम के अनन्य भक्त हनुमान आज भी धरती पर विराजमान रहकर भक्तों की रक्षा करते हैं। सनातन धर्म में गाय पूजनीय है। इनकी रक्षा व सेवा करने से वंश की वृद्धि व सुख समृद्धि बनी रहती है। किसी भी गरीब और असहाय का उत्पीड़न करने के बजाए उसकी हर संभव मदद करना चाहिए।