भनवापुर क्षेत्र के डिवलीडीहा मिश्र में श्रीमद्भागवत कथा सुनाते राकेश शास्त्री। स्रोत विज्ञप्त
भनवापुर। ब्लाॅक क्षेत्र के डिवलीडीहा मिश्र में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को शाम कथा वाचक राकेश शास्त्री ने श्रीकृष्ण के जन्म की कथा सुनाई। इस दौरान जीवंत झांकियों के साथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। पूरा पंडाल नंद के घर आनंद भयो व जय कन्हैया लाल की... के उद्घोष से गूंज उठा। श्रीकृष्ण के जन्म के समय सभी श्रोता झूमने और नाचने लगे। सुमधुर भजनों के साथ कथा श्रवण करने भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। कथा वाचक ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अपने भक्तों की रक्षा कर धर्म की स्थापना के लिए हुआ था धरती पर जब कंस का पाप हुआ, अत्याचार काफी बढ़ गया था तब सभी देवता ब्रह्मा जी व शिव के साथ क्षीर सागर में भगवान की स्तुति करने लगे। तब भगवान श्री हरि ने प्रसन्न होकर देवताओं को बताया कि मैं वासुदेव व देवकी के घर कृष्ण रूप में जन्म लूंगा और वृंदावन में मां यशोदा व नंदबाबा के घर बाल लीलाएं करूंगा। संवाद
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