पथरा बाजार थानाक्षेत्र के ग्राम ककरा पोखर में 2019 में हुई थी घटना
न्यायालय ने हत्यारोपी पति को नहीं दिया था जमानत, जेल से आता था पेशी पर
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय हिमांशु दयाल श्रीवास्तव ने दहेज हत्या के दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा एवं 11 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। घटना छह जुलाई 2019 को पथरा बाजार थानाक्षेत्र के ग्राम ककरा पोखर में घटी थी।
पथरा बाजार थानाक्षेत्र के ग्राम ककरा पोखर निवासी अमीरुल्लाह ने पुलिस को लिखित तहरीर दी है। कहा कि पुत्री मेहनाज़ बेगम (20) की शादी गांव ककरा पोखर में अपने घर के बगल में अनवारुल हसन से दो वर्ष पूर्व मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार यथा शक्ति दान-दहेज देकर की थी। उसकी पुत्री उसी समय विदा होकर अपनी ससुराल में अनावारुल हसन के साथ रहती थी। पति अनावारुल हसन दहेज के लिए बेटी को मारता-पीटता व ताना मार कर प्रताड़ित करता था। काफी-समझाने बुझाने पर भी नहीं मानता था।
बताया कि छह जुलाई 2019 को सुबह छह बजे जब वह अपनी बेटी मेहनाज़ के घर उसका हाल-चाल लेने गई तो उसकी बेटी अपने कमरे में मृत पड़ी थी। उसने कहा कि उसे पूरा विश्वास है कि उसके दामाद अनावरुल ने उसकी बेटी को दहेज के लिए मार डाला है।
बताया कि अनावरुल हसन ने स्वयं अपना गुप्तांग काट लिया था। पुलिस ने केस दर्जकर मृतका की लाश का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया और विवेचना शुरू किया। विवेचना के दौरान हत्यारोपी पति अनवारुल को गिरफ्तार करके उसे न्यायालय के सामने पेश किया। उसे न्यायालय ने जेल भेज दिया। पुलिस ने विवेचना पूर्ण करके आरोपपत्र तैयार किया और न्यायालय में दाखिल किया।
न्यायालय में सुनवाई के दौरान उपलब्ध गवाहों की गवाही, जिरह, पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं अन्य सुसंगत दस्तावेजों के आधार पर पत्रावली का सम्यक परिशीलन करते हुए पति अनावरुल हसन को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। पूर्व में अभियुक्त का जमानत प्रार्थना न्यायालय ने खारिज कर दिया था और गिरफ्तारी के बाद से ही वह जेल में है। राज्य सरकार की तरफ से पीड़ित पक्ष की पैरवी अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फ़ौजदारी राजेश कुमार त्रिपाठी ने किया।