सिद्धार्थनगर। नईम उर्फ रमजान हत्याकांड में दोषी पत्नी और प्रेमी को आजीवन कारावास और 15-15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा हुई है। जिला जज संजय कुमार मलिक ने बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई करते हुए सजा सुनाई है। घटना 23 अक्तूबर 2022 को हुई थी।
मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के गौरडीह गांव के टोला चौधरीडीह निवासी अफसाना खातून अपने प्रेमी तुफैल निवासी कठेला गर्वी टोला पंडितडीह के साथ मिलकर 23 अक्तूबर, 2022 पति नईम उर्फ पति को प्रेम पूर्वक खाना बनाकर खाने में जहरीला पदार्थ मिलाकर खिलाया दिया था। जब पति अचेत अवस्था में आ गया तो अपने प्रेमी तुफैल के साथ मिलकर बिजली केबल तार से उसका गला कसकर घर में हत्या कर दिया। इसके बाद दोनों ने उसे रात में ही मोटरसाइकिल से लादकर गांव से करीब पांच किलोमीटर दूर नाले के किनारे फेंक दिया गया और दूसरे दिन 24 अक्तूबर को अफसाना थाना कठेला पर जाकर अपने पति के गायब होने के संबंध में गुमशुदगी दर्ज कराई। जिसकी जांच उप निरीक्षक वीरेंद्र यादव थाना कठेला ने की।
सुरागरसी एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के आधार पर तुफैल व अफसाना से पूछताछ की गई तो घटना का पर्दाफाश हुआ और अफसाना खातून द्वारा अपने प्रेमी तुफैल के साथ मिलकर अपने पति नइम उर्फ रमजान की हत्या करने की बात स्वीकार की गई। जिस पर अभियुक्तों के बताए स्थान से ही मृतक रमजान का शव बरामद कर 27 अक्तूबर को थाना कठेला समय माता पर हत्या का केस दर्ज किया गया और अफसाना खातून तथा तुफैल को जेल भेजा गया।
विवेचना करके पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल किया गया। अभियोग का ट्राॅयल न्यायालय जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थनगर में शुरू हुआ। अभियोग से संबंधित गवाहों के द्वारा दिए गए साक्ष्य तथा विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट एवं अन्य साक्ष्य का विचारण कर जिला जज संजय कुमार मलिक द्वारा 10 माह के अंदर ही दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसके साथ दोनों को 15-15 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत जिला माॅनिटरिंग सेल व थाना कठेला समय माता पुलिस की प्रभावी पैरवी से हत्या के दो दोषियों को सजा हुई है। सजा कराये जाने में जिला मानिटरिंग सेल, जिला शासकीय अधिवक्ता अखिलेश नारायन श्रीवास्तव तथा न्यायालय पैरोकार मुख्य आरक्षी अमरनाथ यादव थाना कठेला समय माता का सराहनीय योगदान रहा।