फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में चार को आजीवन कारावास

Mon, 31 Jul 2023 10:39 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पॉस्को एक्ट प्रमोद कुमार सिंह ने सोमवार को बालिका से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों सिराज अहमद, सोनू उर्फ मोहम्मद जावेद, हसमत उपर गाजे व शाहिद उर्फ मिट्ट को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
विज्ञापन

मामला शोहरतगढ़ थानाक्षेत्र का है, जो दिसम्बर 2021 में घटित हुआ था। 17 वर्षीय पीड़िता किशोरी ने 31 दिसम्बर 2021 को शोहरतगढ़ थाने में दिये गए तहरीर दी थी कि वह तथा उसके माता-पिता कस्बे में आरा मशीन के बगल में क्वाटर लेकर रहते हैं। 24 दिसम्बर 2021 को उसकी माता के सिर में दर्द हो रहा था तो कस्बा शोहरतगढ़ का रहने वाला गाड़ी मिस्त्री सिराज ने उसे दवा दी और उससे कहा कि अपनी मां को खिला दो। उसने अपनी मां को दवा खिला दी। यह दवा नशीली थी। उसकी माता को नशा हो गया तो सिराज -उसे बहला फुसला कर गाड़ी में बैठा कर कहीं ले गया और रात में उसे बीयर पिला दिया ,उसके बाद कई लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। उन्होंने धमकी दी थी कि किसी से बताने पर उसे जान से मार दिया जाएगा।

26 दिसम्बर 2021 को सिराज उसे फिर ले जा रहा था तो वह भागकर थाने पर आई और उस घटना की सूचना दी। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना किया और पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण व न्यायालय में बयान दर्ज करवा कर गवाहों की गवाही ली। उसके आधार पर सिद्धार्थनगर थानाक्षेत्र के बेलसड़ चरियनवा वार्ड नं. 16 निवासी सोनू उर्फ मोहम्मद जावेद पुत्र मोहम्मद खुर्शीद, शोहरतगढ़ थानाक्षेत्र के मोहल्ला धर्मशाला वार्ड नं. 5 निवासी सिराज अहमद पुत्र जमील अहमद, वार्ड नं. 3 धुनिया मोहल्ला निवासी हसमत उर्फ गांजे पुत्र शौकत खां व ग्राम धुनिया, वार्ड नम्बर 5, धर्मशाला निवासी शाहिद अली उर्फ मिट्टू पुत्र शमसाद अली के विरुद्ध अवयस्क बालिका का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म करने व जानमाल की धमकी देने के अपराध का आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
विज्ञापन

सुनवाई के बाद चारों दोषियों सिराज अहमद, सोनू उर्फ मोहम्मद जावेद, हसमत उपर गाजे व शाहिद उर्फ मिठ्ठू प्रत्येक को आजीवन कारावास से दंडित करते हुए 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक पाक्सो एक्ट पवन कुमार कर पाठक ने की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें