घोसियारी (सिद्धार्थनगर)। खेसरहा विकास क्षेत्र के कई परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को पानी पीने के लिए भटकना पड़ता है। नन्हें-मुन्हे बच्चे प्यास बुझाने के लिए सड़क पार कर दूर जाते हैं, जिससे हमेशा दुर्घटना का भय बना रहता है। लेकिन जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सोमवार को संवाददाता ने बच्चों के पानी पीने के लिए विद्यालयों में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप की पड़ताल की।
समय आठ बजे : प्राथमिक विद्यालय रिउना
इस विद्यालय में कुल 35 छात्र पंजीकृत हैं। विद्यालय में दो इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं, जिसमें एक खराब है और दूसरा गंदा पानी दे रहा है। बच्चे देसी नल से पानी पीने को मजबूर हैं। प्रधानाध्यापक अनिल कुमार ने बताया कि दूषित पानी का सैंपल बीआरसी लेकर गया था, लेकिन अभी तक सही नहीं हुआ।
समय 8:25 : प्राथमिक विद्यालय छितौनी
इस विद्यालय में कुल 80 छात्र पंजीकृत हैं। विद्यालय पर लगा इंडिया मार्का हैंडपंप खराब है। रसोइया खाना बनाने के लिए सड़क के दूसरे पार चाय की दुकान से पानी ला रही है। बच्चे भी इसी दुकान पर लगे देसी नल से अपनी प्यास बुझाते हैं। प्रधानाध्यापक संदीप कुमार ने कहा कि कई बार ग्राम प्रधान और खंड शिक्षा अधिकारी को जानकारी दी गई। लेकिन समस्या जस की तस बनी है। बच्चे सड़क पार करके चाय की दुकान पर पानी पीने जाते हैं, जिससे दुर्घटना का भय बना रहता है।
समय नौ बजे : कंपोजिट विद्यालय ऐकडेगवा
विद्यालय में कुल 117 छात्र पंजीकृत हैं। विद्यालय में लगा दोनों इंडिया मार्का हैंडपंप खराब है। देसी नल का पानी बच्चे पीते मिले। प्रधानाध्यापक हकीमुल्लाह ने बताया कि एक नल पहले से खराब था, दूसरा भी 10 दिनों से खराब है।
समय 9:30 : प्राथमिक विद्यालय बूढ़ी घोसियारी
इस विद्यालय पर कुल 102 छात्र पंजीकृत हैं। परिसर में लगा इंडिया मार्का हैंडपंप खराब है। देसी नल से बच्चे पानी पीते हैं। प्रधानाध्यापक सूर्यभान ने बताया कि कई बार ग्राम प्रधान से सही कराने को कहा गया लेकिन आज तक सही नहीं हुआ।
वर्जन
मामले की जानकारी है। स्कूलों में जो भी नल खराब हैं या दूषित जल दे रहे हैं उनकी सूची बीएसए कार्यालय भेज दी गई है।
- कमला प्रसाद, बीईओ, खेसरहा