मरीज माफिया : आउटसोर्सिंग कर्मियाें का भी हाथ, बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में गंभीर बनी हुई है महिला मरीज की स्थिति
फोटोफॉलोअप
मेडिकल कॉलेज में महिला मरीज को निजी अस्पताल भेजने में महिला
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग से महिला मरीज का सौदा करने के साथ ही खून की दलाली का मामला भी सामने आया है। सील किए गए लाइफ केयर हॉस्पिटल में मरीज के परिजनों से दो यूनिट खून के बदले 20 हजार रुपये भी वसूले गए थे, जबकि उसका पति श्रमिक है। इस मामले की जांच होगी तो परत-दर-परत खुलासे होंगे।
लाइफ केयर हॉस्पिटल में ऑपरेशन से डिलीवरी के बाद कुसुम के बच्चे की मौत के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी तो सारा खेल सामने आ रहा है। कुसुम के पति सुग्रीव ने बताया कि 26 अक्तूबर रात 10:35 बजे वह मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग पहुंचे। वहां एक पुरुष व दो महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि उसकी पत्नी का ऑपरेशन सरकारी अस्पताल में नहीं हो पाएगा। उन्होंने पहले गुमराह किया, फिर खुद व्हीलचेयर लेकर आ गए। जब तक उसके बुजुर्ग माता-पिता कुछ समझते वे लेकर गेट पर आए। वहां मार्शल गाड़ी खड़ी थी। उन्होंने मरीज को लाइफ केयर हॉस्पिटल पहुंचा दिया और किराया भी नहीं लिया।अस्पताल ने 63 हजार रुपये बिल वसूले थे। उसके पिता बुजुर्ग थे तो खून का सौदा करा दिया। दो यूनिट खून के बदले उससे 20 हजार रुपये लिए गए थे।
इस मामले में सीएमओ डॉ. नरेंद्र वाजपेयी ने जांच का आदेश दिया है। जांच टीम पहुंचने से पहले ही लाइफ केयर हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों को हटाने वाले पुलिस कर्मी की भूमिका की जांच का आदेश नहीं हुआ है।
गंभीर है कुसुम की तबीयत
मेडिकल कॉलेज में सभी सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद कुसुम को निजी अस्पताल भेजने से मरीज माफिया की घुसपैठ का खुलासा हुआ है। इसमें दो महिला आउटसोर्सिंग कर्मियों की भूमिका सामने आ रही है। कुसुम के पति सुग्रीव ने बताया कि लाइफ केयर हॉस्पिटल से उसे मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर में भर्ती किया गया था। वहां से बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया गया। फिलहाल, उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
लाइफ केयर हॉस्पिटल के खिलाफ केस
सिद्धार्थनगर। विकास भवन से 200 मीटर दूर लाइफ केयर हॉस्पिटल के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि अस्पताल की संचालिका किरन सिंह सहित अज्ञात चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। यह अस्पताल अवैध रूप से संचालित था, जिसे सील करा दिया गया है।
कोट
मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग से मरीज को निजी अस्पताल भेजने के मामले में महिला आउटसोर्सिंग कर्मियों की संलिप्तता की शिकायत होगी तो जांच की जाएगी। सरकारी ब्लड बैंक में दलाली की शिकायत आएगी तो जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. एके झा, प्रभारी प्राचार्य