इटवा थाने के ग्राम हटवा में अभी भी घर से निकलने से बच रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
इटवा। इटवा थाने के ग्राम हटवा में सोमवार भोर में आये तेंदुए का भय गांव वालों में मंगलवार को भी बना रहा। उनका कहना है कि कौन जाने कब कोई जानवर आ जाय और जान पर आफत बन जाए। तेंदुए के हमले में घायल गांव के मोहम्मद तौफीक व मोहम्मद शरीफ अब भी उस दृश्य को याद कर सिहर उठते है। इनका कहना है कि सोमवार भोर में आये तेदुएं ने सबसे पहले अपने घर के सामने कुर्सी पर बैठे उदयराज मिश्रा पर हमला बोला। अभी वह अपने बचाव के लिए शोर करते, तभी तेंदुए ने उनको छोड़कर उनके पौत्र सोनू पर हमला कर दिया। शोर सुनकर पहुंचे गांव वालो से घिरा देखकर तेंदुआ लाला पुत्र अलीहसन के घर में घुस गया।
मोहम्मद शरीफ कहते हैं कि घर में घुसने पर गांव वाले राहत की सांस ले रहे थे कि वन विभाग से आये कर्मियों के कहने पर गांव वाले तेंदुए को घर से भगाने के लिए ईंट-पत्थर चलाने लगे। इससे नाराज तेंदुए ने छलांग लगाकर लोगों पर हमला कर दिया। इसी दौरान गांव वाले भी लाठी डंडे से तेदुएं पर प्रहार करते रहे। दोपहर बाद कुछ वनकर्मियों ने घर में कैद तेंदुए को सुस्त देखकर उस पर पानी डालने लगे। जिसके कारण एक बार फिर तेंदुआ आक्रामक हो गया लोगों के बीच में आ गया। देर रात लगभग नौ बजे आयी मेडिकल टीम व अन्य कर्मियों की मदद से तेंदुए के पकड़े जाने से गांव वालों ने राहत की सांस ली।
एसओ संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि धारदार हथियार से किए गए हमले में तेंदुआ काफी घायल हो गया था और उसका काफी खून शरीर से निकल चुका था। जिस कारण वन विभाग की मेडिकल टीम चिकित्सकीय देखभाल के लिए उसे लेकर गोरखपुर स्थित चिड़ियाघर चली गई है। जहां उसका इलाज चल रहा है।