फोटोनौगढ़ तहसील परिसर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम से पीड़ित ने की शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। महिला लेखपाल ने खतौनी में नाम संशोधन के लिए 10 हजार रुपये मांगे थे। उन्हें एक हजार रुपये दे दिया हूं, लेकिन तीन माह बाद भी कार्य नहीं हुआ। यह शिकायत नौगढ़ तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में उसका के फरियादी ने जिलाधिकारी से की। डीएम ने नाराजगी जताते हुए एसडीएम नौगढ़ को जांच करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कानूनगो एवं लेखपालों को निर्देश दिए कि भूमि संपत्ति रजिस्टर एवं भूमि विवाद रजिस्टर अवश्य बना लें। किसी भी विभाग का तहसील दिवस का कोई भी प्रकरण लंबित नहीं होना चाहिए। यदि किसी भी विभाग का प्रकरण लंबित पाया जाएगा तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संपूर्ण तहसील समाधान दिवस के आयोजन के अवसर पर 62 प्रार्थनापत्र प्रस्तुत हुए। इसमें राजस्व के 51, पुलिस विभाग से संबंधित 05, विकास के 06 प्रार्थनापत्र प्रस्तुत हुए। तहसील दिवस में प्राप्त शिकायती प्रार्थनापत्रों को तीन दिवस के अन्दर शत-प्रतिशत निस्तारण की कार्रवाई संबंधित विभाग के अधिकारी को सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए। मौके पर एक भी मामले का निस्तारण नहीं हुआ।
जिलाधिकारी ने संपूर्ण तहसील समाधान दिवस नौगढ़़ में उपस्थित सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि तहसील समाधान दिवस में प्राप्त हो रही शिकायतों एवं आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों का समय से एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने पिछले समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों के आख्या का अवलोकन किया गया। उन्होंने लंबित मामलों में जिला स्तरीय टीम बनाकर मौके के जांच कराने के निर्देश दिए।
इस दौरान अतिरिक्त उप कृषि निदेशक अरविन्द कुमार विश्वकर्मा, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी मेघवर्ण, जिला उद्यान अधिकारी नन्हे लाल वर्मा, जिला कृषि अधिकारी माेहम्मद मुजम्मिल, जिला समाज कल्याण अधिकारी डाॅ. राहुल गुप्ता, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी तन्मय, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनोद कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि जितेन्द्र सिंह, अधिशासी अभियंता ड्रेनेज खंड आरके नेहरा मौजूद थे।
साहब ! अब न्याय मिल जाई
सिद्धार्थनगर। संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंची एक बुजुर्ग महिला सीधे जिलाधिकारी के पास पहुंची और बोली कि अब न्याय मिल जाई। उसने बताया कि कोई फरियाद लेकर नहीं आई है, बल्कि धन्यवाद देने आई है। महिला ने बताया कि उसके पुत्र की मौत हो गई है और बहू ने महराजगंज में दूसरी शादी कर ली है, लेकिन परिवार रजिस्टर में उसका नाम दर्ज था। संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत की थी तो सरकारी टीम महराजगंज में गई और उसकी बहू की दूसरी शादी होने की रिपोर्ट लगा दी है।