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Siddharthnagar News: नेपाल भेजी जाएगी चावल की बड़ी खेप, कम होगी तस्करी

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भारत नेपाल सीमा खुनुवा।
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- चार माह पहले भारत से चावल के निर्यात पर रोक से बढ़ गई तस्करी, नेपाल में बढ़ गई है चावल की मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। भारत से नेपाल में चावल की बड़ी खेप पहुंचने वाली है। इससे नेपाल में खाद्यान्न का संकट कम होगा और चावल की मांग भी कम हो जाएगी। ऐसी स्थिति में चावल की तस्करी कम होने का अनुमान है। हालांकि, इस बार 95 हजार एमटी चावल के निर्यात की ही अनुमति मिली है। यदि इतना ही निर्यात हुआ तो कुछ दिन बाद फिर स्थिति जस की तस हो जाएगी।
भारत ने जुलाई में चावल के निर्यात पर रोक लगा दी, उसके बाद नेपाल में चावल की कमी हो गई। चार माह से चावल की तस्करी बढ़ गई थी, जबकि अब नियमानुसार चावल पहुंचने के बाद महंगाई में कमी आएगी और आम लोगों को राहत मिलेगी। निर्यात पर प्रतिबंध लगने के बाद बाॅर्डर पर बड़े पैमाने पर चावल की तस्करी शुरू हो गई थी। तीन माह के भीतर सुरक्षा एजेंसियां सीमा पार करने की कोशिश करते हुए एक हजार क्विंटल से अधिक चावल पकड़े चुकी थीं, जबकि इससे कई गुना अधिक चावल तस्कर नेपाल पहुंचा रहे थे।
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मुख्य बाॅर्डर जैसे खुनुवां, ककरहवा और बढ़नी बाॅर्डर पर कस्टम और भंसार के जांच के बाद चावल का निर्यात नेपाल में होता है। सूखे और बाढ़ कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ की आहट को देखते हुए केंद्र सरकार ने जुलाई माह में चावल के निर्यात पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया था। निर्यात पर प्रतिबंध लगने से सबसे अधिक समस्या नेपाल में उत्पन्न हो गई थी। कारण वहां पर पहाड़ी क्षेत्र है। ऐसे में मधेस के अलावा धान की फसल कहीं होती नहीं है इसलिए भारतीय बाजार पर वह निर्भर हैं।
एकाएक निर्यात पर प्रतिबंध लगा और कमी होने पर मांग बढ़ी तो बार्डर पर चावल की तस्करी बढ़ गई थी। हर दिन बाॅर्डर क्षेत्र के 500 क्विंटल से अधिक चावल तस्कर किसी ने किसी माध्यम से बाॅर्डर पार करवा देते थे। इसमें कॅरियर की भूमिका अधिक रहती थी। तस्करी के इस खेल में 500 से एक हजार रुपये तक कमाते थे। इसी बीच भारत सरकार ने निर्यात से प्रतिबंध हटाते हुए नेपाल सरकार को एक साथ 95 हजार मीट्रिक टन चावल निर्यात करने के निर्णय लिया है, जिसे जल्द ही आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
नेपाल के उप भंसार प्रमुख विकास उपाध्याय ने बताया कि नेपाल में पर्याप्त मात्रा में चावल आ जाएगा तो मांग कम हो जाएगी। वैसे तो चावल की तस्करी करने वालों को पकड़ा जा रहा है, लेकिन चावल की खेप आएगी तो तस्कर कम हो जाएगी।
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भारत ने नेपाल को 95 हजार मीट्रिक टन चावल निर्यात का कोटा तय किया

खुनुवां। भारत ने नेपाल को 95 हजार मीट्रिक टन चावल निर्यात करने की अनुमति दे दी है। भारतीय वाणिज्य विभाग ने बुधवार को एक अधिसूचना जारी कर यह जानकारी दी है। नोटिस में कहा गया है कि केवल भारत राष्ट्रीय सहकारी एक्सपोर्ट्स लिमिटेड ही ऐसे चावल का निर्यात कर सकता है। भारत ने बढ़ती खाद्य कीमतों का हवाला देते हुए पिछले जुलाई में गैर बासमती चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। भारत की नीति के बाद नेपाली बाजार में चावल की कीमत बढ़ गई। उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्रालय ने भी भारत को एक पत्र भेजकर चावल के निर्यात शुरू करने की मांग की थी।
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नेपाल सहित सात देशों को भारत 10 लाख टन चावल निर्यात का देगा मौका

भारत ने नेपाल के लिए 95 हजार एमटी चावल का कोटा तय किया है। इसके साथ ही सात अन्य देशों को निर्यात करने का निर्णय लिया है। भारत ने नेपाल के साथ संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, भूटान, मॉरीशस, सेनेगल, गाम्बिया, इंडोनेशिया और माली के लिए निर्यात कोटा खोल दिया है। इसी हफ्ते से भारत ने 10 लाख 30 हजार टन चावल इन सात देशों को देना शुरू करेगा।
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