बजट नहीं आने से अभी तक डिजिटल लाइब्रेरी का कार्य नहीं हो पाया हैं शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। 300 छात्रों को पढ़ने के लिए राजकीय पुस्तकालय से सटे डिजिटल लाइब्रेरी बननी है, जिसके लिए 1000 स्क्वायर फीट जमीन चिह्नित कर ली गई है। लेकिन बजट के अभाव में अभी तक लाइब्रेरी बनाने का कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
डिजिटल लाइब्रेरी बनने से छात्रों को पढ़ने के लिए सुविधा बढ़ जाएगी। डिजिटल लाइब्रेरी बनने से पत्रिकाएं आदि किताबें ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। बता दें कि जिले में डिजिटल लाइब्रेरी नहीं है। लाइब्रेरी का प्रस्ताव आने से छात्रों में नई आस जगी थी। लेकिन जमीन चिह्नित होने के बाद भी लाइब्रेरी नहीं बनने से छात्रों में निराशा है। डिजिटल लाइब्रेरी बनने से छात्रों को पढ़ने के लिए एक नया प्लेटफार्म मिल जाएगा। वहीं डिजिटल लाइब्रेरी बनने से युवाओं को प्राइवेट लाइब्रेरी में नहीं जाना पड़ेगा। डिजिटल लाइब्रेरी बनने के लिए 10 माह पूर्व हो जमीन को चिह्नित कर लिया गया था। लेकिन अभी तक डिजिटल लाइब्रेरी बनने का बजट नहीं मिल पाया हैं।
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डिजिटल लाइब्रेरी बनने से पढ़ने के लिए ऑनलाइन किताब मिलेगी। जिससे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने में सुविधा मिलेगी।
-शिवा पांडेय, छात्र
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लाइब्रेरी बनने से छात्रों को तैयारी करने के लिए अन्य जिले में नहीं जाना पड़ेगा। बेहतर सुविधा के साथ साथ अत्यधिक किताबें भी मिलेंगी।
-विशाल कुमार पांडेय, छात्र
डिजिटल लाइब्रेरी बनने के लिए अभी तक बजट नहीं मिला है। जल्द ही लाइब्रेरी का बजट पास करवाकर कार्य शुरु करवा दिया जाएगा।
-सोमारू प्रधान, डीआईओएस