जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में पहले 30 से 40 महिला खिलाड़ी करती थीं अभ्यास
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कभी अपनी प्रतिभा से मेडल लाने वाली महिला वाॅलीबाल खिलाड़ियों का अब इस खेल से मोह भंग हो रहा हैं। पिछले कई वर्षों से कोच के नहीं होने से महिला खिलाड़ियों की प्रैक्टिस बाधित है। ऐसे में महिला खिलाड़ी इन दिनों स्टेडियम में नहीं आ रही हैं।
जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में अधिकतर खेलों के कोच नहीं हैं। लेकिन कंपोजिट विद्यालय रेहरा से पिछले कई वर्ष से वॉलीबाल की महिला खिलाड़ियों का चयन हो रहा हैं। ये खिलाड़ी कई बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में गोल्ड पा चुकी हैं। लेकिन स्टेडियम में खिलाड़ी आकर प्रैक्टिस करती थी।
जिले में सीनियर महिला वाॅलीबाल राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन भी हुआ था। इसमें महिला खिलाड़ी क्वार्टर फाइनल मुकाबले तक गई थी। उसके बाद से ही महिला खिलाड़ी स्पोर्ट स्टेडियम में प्रैक्टिस करने नहीं जा रही हैं। लोगों का कहना हैं कि स्टेडियम में जो सीनियर खिलाड़ी प्रैक्टिस कराते थे, उनमें आपसी विवाद हो गया हैं। इससे खिलाड़ी प्रैक्टिस करने के लिए नहीं आते हैं। लेकिन खिलाड़ियों का माने तो कोच नहीं होने से प्रशिक्षण नहीं मिल रहा हैं। ऐसे में खिलाड़ी मैदान छोड़ रही हैं।
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स्टेडियम में वाॅलीबाल के कोच की नियुक्ति नहीं हुई हैं। ऐसे में प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा हैं। प्रैक्टिस नहीं पाने के कारण खिलाड़ी मैदान में नहीं आ रहें हैं।
-चांदनी, खिलाड़ी
जिले से खेलते हुए महिला खिलाड़ियों ने कई बार गोल्ड मेडल हासिल की हैं। लेकिन वर्तमान समय में प्रशिक्षक नहीं हैं। इससे बेहतर ढ़ग से प्रैक्टिस नहीं हो पाती हैं।
-रोशनी, खिलाड़ी
अभी ट्रायल प्रतियोगिता में आए हैं, खिलाड़ी क्यों नहीं आ रहें इसकी जानकारी मुझे नहीं हैं। कोच की नियुक्ति के लिए शासन को पत्र लिखा गया हैं। जल्द ही वॉलीबाल के कोच की नियुक्ति हो जाएगी।
-आशुतोष अग्निहोत्री, क्रीड़ा अधिकारी