सीएचसी में डॉक्टरों की कमी, मरीज परेशान
- डॉक्टरों के स्थानांतरण के बाद पटरी से उतरी व्यवस्था
- इलाज कराने जिला अस्पताल जाने लगे हैं क्षेत्र के मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोगिया में मात्र दो डॉक्टर बचे हैं। इस कारण मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है।
इमरजेंसी ड्यूटी में डॉक्टर कम पड़ गए हैं। दो डॉक्टर ही इमरजेंसी और ओपीडी में ड्यूटी कर रहे हैं, जबकि इमरजेंसी के लिए चार डॉक्टर होने चाहिए।
सीएचसी में डॉक्टरों के आठ पद सृजित हैं, जिसमें प्रभारी डॉ. आशीष अग्रहिर एवं डॉ. सूरज यादव ही मरीज देख रहे हैं। स्थानांतरण से पहले यहां एक महिला चिकित्सक सहित पांच की तैनाती थी, जो समय सारणी अनुसार ओपीडी व इमरजेंसी में मरीजों की नियमित जांच व उपचार करते थे।
बीते माह में महिला चिकित्सक सहित तीन चिकित्सकों का स्थानांतरण अन्य जनपदों में कर दिया गया। महिला चिकित्सक के स्थानांतरण से महिला मरीज निजी अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन ओपीडी में 125 से 150 मरीज पहुंचते हैं, जब तक एक माह तक मरीजों की संख्या करीब 200 हुआ करती थी। यहां चिकित्सक व स्टॉफ की कमी से दो चिकित्सक, दो स्टाफ नर्स व दो फार्मासिस्ट को ओपीडी व इमरजेंसी में ड्यूटी करना पड़ रहा है। एक डॉक्टर को अवकाश पर जाने के बाद एक ही डॉक्टर के भरोसे पूरा अस्पताल हो जाता है।
यहां तीन फार्मासिस्ट, गर्भवती महिलाओं की देखरेख के लिए तीन नर्स एवं ईसीटी रूम में तीन नर्स की तैनाती होनी चाहिए, जिनसे आठ-आठ घंटे की ड्यूटी ली जा सके, मगर यहां तैनात डिलेवरी रूम में दो नर्स, ईटीसी रुम में दो नर्स व दो फार्मासिस्ट 12-12 घंटे की ड्यूटी करने के लिए मजबूर हैं। स्टॉफ की कमी है। डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के लिए सीएमओ को पत्र भेजा गया है। मरीजों को बेहतर सुविधा देने की कोशिश की जा रही है।
- डॉ. आशीष अग्रहरी, अधीक्षक सीएचसी जोगिया