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Siddharthnagar News: जन्मे कुंवर कन्हैया नंद घर बाजे बधाईयां...

Tue, 27 Aug 2024 12:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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दिनभर बाजारों में होती रही खरीदारी, खूब बिके खिलौने, पोशाक, मुकुट और झूले
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व सोमवार को श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। सांस्कृतिक आयोजनों के बीच मध्य रात्रि का इंतजार हुआ। जैसे ही रात के 12 बजे, बधाई और मंगल गीतों से शहर गूंज उठा। समवेत स्वर में गूंजे बधाई गीत भये प्रगट कृपाला दीन दयाला... और जन्मे कुंवर कन्हैया नंद घर बाजे बधाईयां..., की गीत से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर शहर से गांव तक के मंदिरों में धार्मिक उत्सव मनाया गया। मंदिरों और लोगों के घरों पर भगवान कृष्ण के जन्म और उनकी विभिन्न लीलाओं को सजीव ढंग से दिखाने के लिए आकर्षक झांकियां सजाई गई हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को पुलिस लाइन, हनुमान मंदिर, सदर थाना, डुमरियागंज नगर स्थित रामलीला मैदान प्रांगण में ओम शिवाय मंदिर, मंदिर चौराहा स्थित श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर, पुरानी बाजार स्थित दुर्गा मंदिर, बैदौला चौराहा स्थित दुर्गा मंदिर, हल्लौर स्थित प्राचीन शिव मंदिर, शिव मंदिर भारतभारी, देईपार शिव मंदिर सहित विभिन्न स्थानों पर श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर सजावट की गई थी। इसके अलावा डुमरियागंज थाना, भवानीगंज, त्रिलोकपुर, पथरा बाजार थानों में भी श्री कृष्ण जन्म उत्सव को लेकर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।
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क्यों कहते हैं जन्माष्टमी
आचार्य सदाशिव मिश्र के अनुसार भगवान कृष्ण ''''दशावतारों'''' में आठवें अवतार हैं। भगवान कृष्ण का जन्म (अवतार) हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद महीने में कृष्ण पक्ष (चंद्रमा के घटते चरण) की अष्टमी तिथि (आठवीं तिथि) को हुआ था। जन्माष्टमी का शाब्दिक अर्थ है-आठवीं तिथि को जन्म है। इसके अलावा भगवान कृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में हुआ था, इसलिए, जन्माष्टमी का पंचांग आधारित समय आधी रात को था।

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खीरे से होता है जन्म
आचार्य अच्युत रामानुजाचार्य के अनुसार जन्माष्टमी के दिन डंठल वाले खीरे का विशेष महत्व होता है। भगवान श्री कृष्ण भगवान के सिरहाने खीरा रख दिया जाता है और रात 12 बजे खीरे को सिक्के की सहायता से डंठल से अलग किया जाता है। मान्यता है कि यह कृष्ण जन्म की प्रतीकात्मक प्रक्रिया है। इसके बाद तीन बार शंख बजाकर आरती और मंदिर की घंटियों के साथ भगवान का स्वागत करते हैं उनको पालने में बैठाकर झूला झुलाया जाता है साथ ही सबको पंचामृत व प्रसाद का वितरण किया जाता है।
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नंद घर आनंद भयो .. जय कन्हैया लाल की
शाहपुर। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बुधवार को जिले में उल्लास व श्रद्धा के साथ मना। कई जगहों पर सोमवार को भी जन्माष्टमी मनाई जाएगी। घरों में लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण के बालरूप की झांकी सजायी। मध्यरात होते ही लोगों ने आतिशबाजी कर खुशियां मनाईं। नंद घर आनंद भयो .. जय कन्हैया लाल की... गीतों पर लोग झूम उठे।
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डुमरियागंज थाने में जन्माष्टमी को लेकर व्यापक तैयारी की गई थी। श्री राम लीला मैदान स्थित प्राचीन शिव मंदिर में डुमरियागंज इंस्पेक्टर रमेश कुमार यादव वा पुलिस क्षेत्राधिकारी सतीश चंद्र पाण्डेय ने सोमवार रात पूजन अर्चन किया। इसके बाद प्रसाद का वितरण हुआ। इस दौरान सुगंध अग्रहरि, पंडित राकेश शास्त्री,भोला सोनी, परमात्मा प्रसाद गुप्ता, ऐडवोकेट शक्ति प्रकाश, आशीष श्रीवास्तव, तारक चन्द्र कशौधन, संतोष सोनी आदि लोग मौजूद रहे।
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