खाद के इंतजार में किसान, बुआई में हो रही देरी
- साधन सहकारी समितियों पर नहीं है खाद, चक्कर लगा रहे किसान
- खुले बाजार से महंगे दाम पर डीएपी खरीदने को मजबूर हैं किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। गेहूं की बुआई का सीजन शुरू हो गया है, लेकिन सरकारी केंद्रों पर खाद नहीं होने से दिक्कत हो रही है। बुआई में हो रही देरी से किसानों की सांसे अटकी हुई है। परेशान किसान सहकारी समितियों का चक्कर लगाकर वापस लौट रहे हैं। मजबूरी में उन्हें बाजार से महंगे दामों पर खाद खरीदना पड़ रहा है।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के भानपुररानी में स्थित साधन सहकारी समिति पर भी खाद लगभग 15 दिन से से नहीं है। इससे परेशान किसानों को बाजार से खाद खरीदनी पड़ रही है। भवानीगंज क्षेत्र के ग्राम मस्जिदिया निवासी किसान बरकतउल्ला तथा भानपुररानी के सोनबरसा निवासी मनोज वर्मा और भानपुरानीके चुलाईडीह निवासी अजय गौतम खाद के लिए कई दिनों से भटक रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वह पिछले 12 दिन से खाद के इंतजार में साधन सहकारी समिति का चक्कर लगा रहे हैं। केंद्र प्रभारी प्रतिदिन यही जवाब देते हैं की दो दिन में खाद आ जाएगी, लेकिन खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इससे गेहूं बुआई का सीजन में देरी हो रही है, जिससे गेहूं की पैदावार घटने की भी चिंता सता रही है।
साधन सहकारी समिति भानपुररानी के सचिव गोपाल चंद्र ने बताया कि 10 दिन पहले खाद आया था जो किसानों बांटकर खत्म हो गया है। अब दो-चार दिन में रैक लगेगा तो खाद आएगा तो फिर बांटा जाएगा, गोदाम की क्षमता 1000 बोरे की है।
कालाबाजारी रोकने को टीम गठित
डीएम संजीव रंजन ने जिले में खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए सभी 14 ब्लॉकों में ब्लॉकवार टीम गठित की है। जिसमें सभी ब्लॉकों के नोडल समेत 137 सदस्य हैं। डीएम ने कहा कि नेपाल सीमा से तस्करी रोकने के लिए सभी ब्लॉकों में टीम गठित की गई है, जो खाद वितरण एवं भंडारण पर लगातार निगरानी रखेगी।