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Siddharthnagar News: काठमांडू में तनाव, सीमावर्ती क्षेत्र में भी असर

Fri, 24 Nov 2023 11:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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फोटो- है
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काठमांडू के उपद्रव को देखते हुए भारतीय क्षेत्र से नेपाल में जाने वालों की संख्या हो गई कम
जिले के खुनुवां, बढ़नी, अलीगढ़वा और ककहरहवा बाॅर्डर पर अन्य दिनों की तुलना में कम दिखी आवाजाही

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। नेपाल के काठमांडू के बल्खू में आंदोलनकारी दुर्गा प्रसाई के नेतृत्व में राजतंत्र समर्थकों द्वारा बृहस्पतिवार को पुलिस घेरा तोड़ने के बाद हुई झड़प और उपद्रव का असर शुक्रवार को भारत-नेपाल सीमा पर भी रहा। जिले के बढ़नी, खुनुवां, अलीगढ़वा और ककरहवा के रास्ते नेपाल जाने वालों की संख्या कम दिखी। लोग नेपाल काठमांडू जाने से डर रहे हैं कि कहीं पूरे नेपाल में दंगा न भड़क जाए। वहीं, नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र के कारोबारी जो नियमित काठमांडू आते-जाते हैं। वे भी डर रहे हैं।

नेपाल काठमांडू के बल्खू में आंदोलनकारी दुर्गा प्रसाई के नेतृत्व में राजतंत्र समर्थक प्रदर्शन कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को प्रदर्शनकारियों की नेपाल पुलिस से झड़प हो गई। इसके बाद जगह-जगह आंदोलन और विरोध शुरू हो गया है। इसे लेकर नेपाल पुलिस अलर्ट तो है, लेकिन प्रदर्शनकारी कुछ भी कर सकते हैं।
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काठमांडू में शुरू हुए उपद्रव का दायरा बढ़ रहा है। प्रदर्शन की आग पूरे नेपाल में भड़क सकती है। भारत से नेपाल लोग बड़ी संख्या में जाते हैं। इसमें काठमांडू, पोखरा, बुटवल सहित अन्य स्थान शामिल हैं। काठमांडू में उपजे बवाल और प्रदर्शन का असर शुक्रवार को भारत-नेपाल सीमा पर देखने को मिला।
बढ़नी बाॅर्डर पर अन्य दिनों की अपेक्षा नेपाल जाने वालों की संख्या कम दिखी। वहीं, नेपाल में पहुंचने और काठमांडू में आंदोलन की जानकारी मिलने के बाद भी लोग लौट जा रहे हैं।
नेपाल के कृष्णानगर निवासी देव मुराली ने बताया कि उनकी जलपान की दुकान है। यह भारत से आकर बाजार करने वालों से चलती है। काठमांडू में बवाल की जानकारी हर तरफ हो गई है। इसलिए तीन दिन पहले की तुलना में लोग कम दिखे। जबतक यह आंदोलन समाप्त नहीं होगा। लोग कम आएंगे। सोशल मीडिया का समय है, हर किसी को जानकारी लग ही जाती है।
खुनुवां प्रतिनिधि के अनुसार खुनुंवा बाॅर्डर पर काठमांडू के विरोध का असर दिखा। अन्य दिनों की अपेक्षा नेपाल जाने वाले लोग कम दिखे। सीमावर्ती क्षेत्र में काठमांडू की घटना का छिटपुट असर है।
कपिलवस्तु जिले के मर्यादपुर कस्बा निवासी बबलू गिरी ने कहा कि व्यापार से संबंधित काम से काठमांडू जाना था। लेकिन आंदोलन की वजह से हुए तनाव की वजह से अब नहीं जाएंगे। स्थिति सामान्य होने पर ही जाने के लिए विचार करेंगे।
मर्यादपुर कस्बे के इलेक्ट्रॉनिक व्यवसायी चन्द्रदेव मिश्र ने बताया कि दुकान के लिए कुछ सामान का ऑर्डर काठमांडू से भी किया था। उसी को लेने जाना था। लेकिन आंदोलन कर रहे राजतंत्र वादी समर्थकों व पुलिस की झड़प से वहां पैदा हुए हालात के कारण अब नहीं जाएंगे। हालत सामान्य होने पर ही जाना संभव है।
बताते चलें कि प्रसाई ने बृहस्पतिवार को जोशीला भाषण देकर समर्थकों को उकसाया तो उन्होंने पुलिस घेरा तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। जब भीड़ ने बल्खू चौक से कालीमाड़ी की ओर बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछारें छोड़ीं। अब बल्खू इलाके में तनाव है।
यहां उत्तेजित भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। झड़प के दौरान कुछ लोग घायल भी हुए। स्थिति सुधरने के बजाय और बिगड़ सकती है। नेपाल में फिर अशांति उत्पन्न होने का डर लगा हुआ।
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वहीं, अलीगढ़वा बाॅर्डर भी असर देखने को मिला। अन्य दिनों की अपेक्षा लोग कम आते-जाते देखे गए। सबसे अधिक चहल-पहल वाले ककरहवा बाॅर्डर पर भी भीड़ कम दिखी। जबकि यहां से भंसार करवाकर लोग लुंबिनी, पोखरा, बुटवल सहित नेपाल के अन्य स्थानों जाते हैं।





भारत से नेपाल जाने वालों पर कोई रोक नहीं है। किसी को जाने से रोकने संबंधित कोई आदेश नहीं हुआ है। रूटीन चेकिंग जो बाॅर्डर पर होती है, वह ही जा रही है।

-सिद्धार्थ, अपर पुलिस अधीक्षक





भारत से नेपाल जाने पर किसी प्रकार की कोई रोक नहीं है और न ही किसी प्रकार का आदेश है। हमेशा की तरह से आवागमन चल रहा है।

-गंगा बहादुर थापा, डीएसपी, पुलिस प्रवक्ता कपिलवस्तु नेपाल
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