करवा चौथ की तैयारी : पतियों की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रहेंगी महिलाएं
बुधवार को है करवा चौथ व्रत, बाजारों में खरीदारी तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। करवा चौथ का व्रत हर सुहागिन महिला के लिए बेहद खास होता है। इस बार एक नवंबर दिन बुधवार को पड़ने वाले करवा चौथ व्रत की तैयारी तेज हो गई हैं। पतियों की लंबी उम्र के लिए रखे जाने वाले इस व्रत के लिए महिलाओं ने उल्लासपूर्वक बाजार में खरीदारी शुरू कर दी है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत करती हैं और रात के समय चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत का पारण करती हैं।
प्रत्येक सुहागिन पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती है। इसी कामना से करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। यह व्रत हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन रखा जाता है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत करती हैं। इस व्रत की तैयारी में बाजारों में रौनक बढ़ गई है।
कपड़े, गहने, सौंदर्य प्रसाधन और पूजन सामग्री की खरीदारी तेज हो गई है। इस व्रत में ब्यूटी पॉर्लर और मेहंदी लगाने वालों की बुकिंग पहले ही हो चुकी है। कपड़े के व्यापारी अजय कसौधन ने बताया कि करवा चौथ का असर बाजार पर पड़ा है। अचानक ग्राहक बढ़ गए हैं। इस व्रत में सुहागिनों ने अपने सुहाग को घर बुलाया है तो कुछ ने अपने पतियों के पास जाकर व्रत मनाने की तैयारी की है।
ज्योतिषाचार्य योगेश पांडेय ने बताया कि इस व्रत में सुहागिनें दिन भर पानी भी ग्रहण नहीं करती हैं। यह व्रत पति की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है। इस दिन चंद्र देवता और करवा का पूजन किया जाता है। हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन करवा चौथ का व्रत रखा जाता है।
बताया कि हिंदी पंचांग के अनुसार, इस साल यह तिथि 31 अक्तूबर को रात नौ बजकर 31 मिनट पर शुरू होगी। इसका समापन एक नवंबर को रात नौ बजकर 19 मिनट पर होगा। ऐसे में इस साल करवा चौथ का व्रत एक नवंबर 2023, बुधवार के दिन रखा जाएगा। करवा चौथ व्रत सुबह 06:33 से रात 08:15 बजे तक है। व्रत की अवधि 13 घंटा 42 मिनट है। रात 08:15 बजे ही चंद्र दर्शन के योग हैं। यह अलग-अलग शहरों एवं स्थानों पर अलग समय पर हो सकता है।
करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त
करवा चौथ के दिन एक नवंबर को पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05:36 मिनट से लेकर शाम 06:54 मिनट तक रहेगा। पूजन की अवधि एक घंटा 18 मिनट की है। इस दौरान पूजा करने के साथ ही व्रत कथा भी अवश्य पढ़नी चाहिए। बिना व्रत कथा कोई भी व्रत पूरा नहीं माना जाता। इसके बाद चंद्रोदय होने पर चंद्रमा के दर्शन करें और फिर व्रत का पारण करें।
करवा चौथ का महत्व
करवा चौथ व्रत को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं व पौराणिक कहानियां समाज में प्रचलित हैं। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत कर अपने पति की लंबी उम्र और दांपत्य जीवन में खुशहाली की कामना करती हैं। कहते हैं कि करवा चौथ का व्रत बहुत ही कठिन होता है। इसके प्रभाव से मनोकामना पूरी होती है। साथ ही करवा चौथ का व्रत रखने से करवा चौथ मैया घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली का भी आशीर्वाद देती हैं।
ऐसे रखते है करवा चौथ व्रत
करवा चौथ व्रत में सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें। स्नान के बाद मंदिर की साफ-सफाई कर देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करें। करवा चौथ निर्जला व्रत का संकल्प लें। इस पावन दिन पर शिव परिवार का विधिवत पूजन किया जाता है। सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें, फिर माता पार्वती, भगवान शिव और भगवान कार्तिकेय की पूजा करें। करवा चौथ के व्रत में चंद्रमा की पूजा की जाती है। चंद्र दर्शन के बाद पति को चलनी से देखें और आरती उतारें। इसके बाद पति द्वारा पत्नी को पानी पिलाकर व्रत तोड़ा जाता है।
पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखे जाने वाले करवा चौथ व्रत की तैयारी कर रहे हैं। यह दिन सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद अहम होता है।
-प्रतिमा राय, परसाशाह आलम
सुहागिन महिलाओं को करवा चौथ के व्रत का पूरे साल बेसब्री से इंतजार रहता है। इस महत्वपूर्ण व्रत की तैयारी और खरीदारी कई दिन पहले से ही कर रहे हैं।
-संगीता सिंह, इंदिरानगर
इस महत्वपूर्ण व्रत के लिए आवश्यक सभी सामग्रियों की खरीदारी कर रहे हैं। इसमें ऑनलाइन की बजाय बाजार में दुकान पर जाकर खरीदारी कर रहे हैं।
-रेनू श्रीवास्तव, झंडेनगर
पिछले वर्षों की तरह इस बार भी उत्साह के साथ पति की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ पर निर्जला व्रत रखने के साथ ही पूजन की तैयारी अभी से कर रहे हैं।
-गुड़िया, पेट्रोल पंप तिराहा