फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भक्तों ने झूमते-गाते निकाली कांवड़ यात्रा, गूंजा हर हर महादेव

विज्ञापन
मिठवल के बाबा मटेश्वर नाथ मंदिर में जलाभिषेक करने पहुंचे श्रद्धालु। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
विज्ञापन
भक्तों ने झूमते-गाते निकाली कांवड़ यात्रा, गूंजा हर हर महादेव
विज्ञापन

सिद्धार्थनगर। सावन के तीसरे सोमवार को शिवालयों में भक्तों का तांता लगा रहा। शिव मंदिरों के मार्ग पर कांवड़िये हर हर महादेव कर रहे थे। मातृ शक्ति की टोलियां भक्ति गीत गाते चल रही थीं। मंदिर में कतारबद्ध होकर जलाभिषेक किया। दिन भर रुद्राभिषेक एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान चलते रहे।
शहर के सिंहेश्वरी मंदिर स्थिति शिव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की टोली पहुंचने लगी। मंदिर परिसर में मेले जैसा दृश्य हो गया था। मंदिर मार्ग भी भक्तिमय नजर आया।
विज्ञापन

बिस्कोहर प्रतिनिधि के अनुसार, मंदिर जीर्णोद्धार समिति नगर पंचायत बिस्कोहर की ओर से कांवड़ यात्रा निकाली गई। कांवड़ यात्रा नगर के मंगल बाजार स्थित श्रीराम जानकी दुर्गा धाम मंदिर, शिव चरण पोखरा से शुरू हुई। भक्त झूमते-गाते मुख्य कस्बा, चौक रोड, शाह मोहल्ला, कसेरा मोहल्ला, पश्चिम टोला व बस अड्डा होते बूढ़ी राप्ती नदी के परसोहन घाट पहुंचे। यहां पर कांवड़ियों ने जल भरा और बम-बम महादेव के जयकारे लगाते हुए कोटिया टोला स्थित शिव मंदिर बबुरहवा बाबा पहुंचे और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
इस दौरान कई जगहों पर कांवड़ यात्रा का स्वागत किया गया। कांवड़ यात्रियों पर पुष्प वर्षा की गई। समिति अध्यक्ष मनीष जायसवाल, उपाध्यक्ष रोहित कसौधन, सुधीर त्रिपाठी, राकेश कुमार मिश्रा, अजय गुप्ता, रोहित गुप्ता, मनोज कौशल, राजाबाबू कौशल, राजू पासवान, साहबराम विश्वकर्मा, राम बहाल यादव आदि मौजूद रहे।
शोहरतगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार, कांवड़ियों ने बानगंगा नदी से जल भरा और डोई शिव मंदिर में जलाभिषेक किया। भक्त ‘हर-हर महादेव, बोल बम का नारा है, बाबा का सहारा है’ का जयघोष करते चल रहे थे।
शिवालयों में सुबह से ही जलाभिषेक के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान शिव को दूध, दही, घी, गन्ने का रस, बेलपत्र, भांग-धतुर, पंचामृत आदि अर्पित कर सुख समृद्धि की कामना और लोक कल्याण के लिए प्रार्थना की गई। भोर से मंदिरों में भक्ति गीत बजने लगे थे। भारत माता चौक, राम जानकी मंदिर, सोनारी मोहल्ला, शिवबाबा, राधाकृष्ण आदि मंदिरों में भोर से जलाभिषेक शुरू हुआ, जो दोपहर तक चलता रहा।
ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के साथ बच्चों ने भी गांव से पैदल चलकर डोई शिवमंदिर में जलाभिषेक किया। क्षेत्रीय विधायक विनय वर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष बबिता कसौधन संग नगरवासियों ने डोई शिवमंदिर में सामूहिक रुद्राभिषेक कराया।
पंडित हरिपूजन पांडेय व श्याम ने लोक कल्याण व सुख समृद्धि के लिए शिव स्तोत्र का पाठ किया। विधि-विधान से रुद्राभिषेक कराया। डोई शिवमंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं में हलुवा-पूड़ी का वितरण किया। पुजारी राजेंद्र पांडेय ने कहा कि भगवान शिव का अभिषेक कराने से अकालमृत्यु नहीं होती है। आने वाले संकट भी टल जाते हैं। सावन में ऊं नम: शिवाय का जप करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
भारतभारी प्रतिनिधि के अनुसार, कांवड़ियों का जत्था अयोध्या से जल भर कर प्राचीन शिव मंदिर पहुंचा और जलाभिषेक किया। अयोध्या धाम व राप्ती नदी डुमरियागंज से कांवड़ियों ने जल भरकर भारतभारी शिव मंदिर में जलाभिषेक किया। महंत कृष्ण मणि दास ने बताया कि कांवड़ यात्रा की शुरुआत वर्षों पहले हुई थी। दूरदराज से लोग शिव जी को जल चढ़ाने आते हैं और उनकी मनोकामना पूर्ण होती है।
पकड़ी बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्राली से पहुंचीं हड़हवा एवं जखौलिया गांव की महिलाओं ने तौलिहवा तौलेसर नाथ मंदिर में जलाभिषेक किया। मस्जिदिया पिपरी, मेहनौली, पकड़ी, बभनी बाजार, भटमला, जखौलिया, सेखुइया, भटमला गांव के लोगों ने बउरहवा बाबा मंदिर में जलाभिषेक किया।
विज्ञापन

पथरा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार, मटेश्वर नाथ शिव मंदिर में सुबह से शाम तक कांवड़ यात्रियों एवं श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। भक्तों ने पुण्य प्राप्ति के लिए भंडारा किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें