बिस्कोहर में आयोजित रासलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
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कंस का वध होते ही पंडाल में गूंजे जयकारे
बिस्कोहर। नगर के राजकीय डिग्री कॉलेज के पास स्थित महालक्ष्मी पूजा समारोह में आयोजित रासलीला में मंगलवार रात वृंदावन से आए कलाकारों ने कंस वध का मंचन किया। कंस का वध होते ही पंडाल में जयकारे गूंजने लगे।
रासलीला के कलाकारों ने कंस वध का मार्मिक चित्रण किया। दिखाया कि द्वापर युग में मथुरा के राजा कंस का अत्याचार चरम पर पहुंच गया था। प्रजा ही नहीं, ऋषि-मुनि भी कंस के आतंक से आहत थे और उसके आतंक से मुक्ति चाहते थे। तभी मां देवकी के गर्भ से भगवान श्रीकृष्ण जन्म लेते हैं। मथुरा का राजा कंस अपने भांजे भगवान श्रीकृष्ण को अपना शत्रु मानता था। उनको मार डालने के लिए कंस राक्षसी पूतना व कागासुर, बकासुर, नागासुर, बगुलासुर आदि राक्षसों को भेजता है। लेकिन, श्रीकृष्ण सभी को मारकर स्वधाम भेज देते हैं। युवा होने पर श्रीकृष्ण को एक दिन राजा कंस ने अपने महल में बुलाया और मार डालने के लिए ऐरावत हाथी को लगाया, लेकिन वह भी मारा गया। उसके बाद मल्ल युद्ध हुआ उसमें भी श्रीकृष्ण को खरोंच तक नहीं आई। आखिर में भगवान श्रीकृष्ण कंस का वध कर देते हैं। कंस वध होते ही पंडाल में जय कन्हैया लाल की के जयकारे गुंजायमान होने लगते हैं। इस अवसर पर प्रमोद कुमार मिश्र, इंद्रेश कुमार पांडेय, विपलू सिंह, अंकित सिंह, पशुपतिनाथ गुप्ता आदि मौजूद रहे।