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Siddharthnagar News: जुलाई में पड़ी मई की तरह गर्मी, तो जल गए 221 ट्रांसफार्मर

Sat, 29 Jul 2023 10:22 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। उमस भरी गर्मी में एसी, फ्रीज का प्रयोग बढ़ने से जून-जुलाई माह में बिजली की खपत बढ़ गई है। वहीं ट्रांसफार्मर भी ओवरलोड से हांफने लगे हैं। हर दिन पांच से सात ट्रांसफार्मर जल जा रहे हैं। जुलाई में 221 ट्रांसफार्मर जल चुके हैं। ट्रांसफार्मर बनने में भी समय लग रहा है।
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शहर में 10.5 हजार उपभोक्ताओं को करीब 270 ट्रांसफार्मर के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जाती है, लेकिन शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की खपत अधिक होने से ट्रांसफार्मर फूंक रहे हैं। जिले के शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर जलने की समस्या अधिक आ रही है। ट्रांसफार्मर जल जाने के बाद इसे ठीक करवाने व बदलवाने में समस्या अधिक आ रही हैं। ऐसे में ग्रामीणों को तीन से चार दिन बिजली के बिना अंधेरे व गर्मी में रहना पड़ रहा है। गर्मी से लोगों की बेचैनी बढ़ रही है। जिससे लोगों को गर्मी में नींद पूरी न होने से तबीयत खराब हो रहा है।
बिजली विभाग के वर्कशाप के अभियंताओं का कहना है कि गर्मी में लोड बढ़ने से काफी संख्या में ट्रांसफार्मर जल रहे हैं। ऑयल की मात्रा कम होने से ट्रांसफार्मर गर्म हो रहे हैं, लोड बढ़ते ही ट्रांसफार्मर की जल जा रहे हैं।
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12 कर्मचारी एक दिन में बना रहे चार से पांच ट्रांसफार्मर
सिद्धाथनगर, डुमरियागंज, बांसी डिवीजन के क्षेत्रों में आठ ट्रांसफार्मर जले हैं। जो ट्रांसफार्मर जल रहे हैं, उसी क्षमता के दूसरे ट्रांसफार्मर को रिपेयर करके लगाया जा रहा है, जबकि तीन रिपेयरिंग के बाद एक ट्रांसफार्मर तैयार होता है। वर्कशाप में 12 कर्मचारी लगे हैं और वे एक दिन 4 से 5 ट्रांसफार्मर बना रहे हैं।

जून-जुलाई में जले अधिक ट्रांसफार्मर
जून व जुलाई में बारिश के दिन कम हुए तो गर्मी के दिन बढ़ गए हैं। बिजली वर्कशाप में सितंबर में ट्रांसफार्मर का स्टॉक समाप्त होता था, लेकिन इस बार जुलाई में ही ट्रांसफार्मर नहीं मिल पा रहा है। आंकड़ों को देखें तो जून में 171 ट्रांसफार्मर जले थे, जबकि जुलाई में 221 ट्रांसफार्मर जले हैं, जिसमें सबसे अधिक 25 केवीए के ट्रांसफार्मर हैं। वर्तमान में 100 से अधिक ट्रांसफार्मर मरम्मत के लिए रखे हुए हैं। वर्कशाप में तीन से चार ट्रांसफार्मर औसतन तैयार किए जाते हैं। जेई वर्कशाप संजय कुमार गौड़ ने बताया कि ट्रांसफार्मर की डिमांड के अनुसार रिपेयरिंग की जा रही है।


30 से 35 प्रतिशत बढ़ गया लोड
सिद्धार्थनगर। लोटन क्षेत्र में दो माह पहले तक एक फीडर में 130 से 140 एम्पीयर बिजली खपत होती थी लेकिन जून-जुलाई माह में यह खपत बढ़ कर 170 से 180 एम्पीयर बिजली खपत हो रही है। लोटन जेई अनिल यादव ने बताया कि गर्मी के कारण एसी, फ्रीज से बिजली की खपत बढ़ गई है। बारिश न होने से भी बिजली की खपत बढ़ गई है, जहां फॉल्ट होता है तुरंत सही करवाने का प्रयास किया जाता है।
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पांच दिन बाद भी नहीं मिला ट्रांसफार्मर
जून-जुलाई में बारिश कम होने से ट्यूबवेलों पर ट्रांसफार्मर की खपत अधिक हो गई है, जिससे लोग खेतों में सिंचाई करने के लिए ट्यूबवेल का सहारा ले रहे हैं। लोटन क्षेत्र के मकरहना और कपिया में सरकारी टयूबवेल के ट्रांसफार्मर तीन दिन बाद भी नहीं बदले गए हैं, जबकि शिकायत दर्ज होने 24 घंटे में ट्रांसफार्मर बदलने का नियम है।
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वर्जन
बिजली की खपत बढ़ने से ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो गए हैं। ट्रांसफार्मर जलने के बाद तत्काल बदलने की कोशिश की जा रही है।
-एसके पासवान, अधीक्षण अभियंता
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इतने ही हैं ट्रांसफार्मर
25 केवीए-4
63 केवीए-1
100 केवीए-1
400 केवीए-1
160 केवीए- 1
250 केवीए-0
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इतने स्थानों पर चाहिए ट्रांसफार्मर
डुमरियागंज में चार
बांसी में एक
सिद्धार्थनगर -तीन
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