डुमरियागंज। जायरीनों का काफिला रविवार की देर शाम क्षेत्र के उपनगर हल्लौर से कर्बला इराक व सीरिया स्थित विभिन्न धार्मिक स्थलों की जियारत के लिए रवाना हुआ। इसमें छह से अधिक लोग शामिल रहे। इस मौके पर बड़े इमामबाड़े में मर्सिया मजलिस आयोजित की गई। जिसके बाद जायरीनों को विदा किया गया। जाकिर जमाल हैदर रिजवी ने कहा कि हर शिया मुसलमान की ख्वाहिश होती है कि अपनी जिंदगी में एक बार इमाम हजरत अली अलैहिस्सलाम व उनके बेटे हजरत इमाम हसन और इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और हजरत अब्बास सहित अन्य रौजे की जियारत करें। इस दौरान अजीज हैदर, शानू, मोजिज, हसन अब्बास, अलमदार हुसैन, अजीम हैदर, काजिम मेहंदी, अब्बास मेहंदी, शादाब हैदर, हेलाल हैदर आदि मौजूद रहे। संवाद