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सवालों से कठिन था जाम से निकलना

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पीईटी खत्म होने के बाद शहर में सिद्धार्थ तिराहे पर लगा जाम। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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सवालों से कठिन था जाम से निकलना
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अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्रों से निकलते ही लग गया जाम, वाहन भी कम पड़े
दूसरे जिले से आए अभ्यर्थियों को वापसी के लिए घंटों करना पड़ा इंतजार
सिद्धार्थनगर। प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (पीईटी) में रविवार को अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्र के अंदर ही नहीं, बाहर भी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। परीक्षा से बाहर निकले तो उनके लिए प्रश्नपत्र के सवालों से कठिन जाम से निकलना था। यात्रियों की संख्या अधिक थी और वाहन कम पड़ गए। दूसरे जिले से आए अभ्यर्थियों को अपने जिले में जाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
शहर, बांसी व शोहरतगढ़ में परीक्षा केंद्र बनाए थे। बांसी नौगढ़ मार्ग पर बाढ़ का पानी भरने से दूसरे जिलों से आए अभ्यर्थियों को खासी परेशानी हुई। युवक-युवतियों को बाढ़ के पानी में पैदल चलकर जाना पड़ा। परीक्षा के छूटते ही अभ्यर्थी वाहन पकड़ने के लिए दौड़ पड़े।
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जिला मुख्यालय पर बुद्ध विद्यापीठ डिग्री कॉलेज, सिंहेश्वरी इंटर कॉलेज और विद्यामंदिर इंटर कॉलेज से एक साथ अभ्यर्थियों के निकलने से रोडवेज और रेलवे स्टेशन पर भीड़ बढ़ गई। बस पकड़ने के लिए परीक्षार्थियों में होड़ दिखी। कुशीनगर, देवरिया, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर व वाराणसी से अधिक बच्चे होने के कारण गोरखपुर के लिए एक-एक करके सात बसें छोड़ी गईं, तब जाकर बच्चे निकल सके।
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स्टेशन रोड पर लगा रहा जाम
परीक्षार्थियों के छूटने के बाद नगर में जाम की स्थिति बन गई। कुछ पैदल तो कुछ अपने निजी वाहन से निकले और फिर राहगीर। लगभग 500 मीटर तक जाम लग गया। काफी मश्क्कत के बाद आधे घंटे में जाम हटा तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। इसमें परीक्षा देने के लिए आए अभ्यर्थियों को अधिक परेशानी हुई।
5607 ने छोड़ी परीक्षा
मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुई परीक्षा में दोनों पाली में 5607 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। पहली पाली में 7632 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इसमें 2804 ने परीक्षा छोड़ दी। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक हुई। इसमें 7632 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिसमें से 2803 ने परीक्षा छोड़ दी। जिला विद्यालय निरीक्षक अवधेश नरायन मौर्य ने बताया कि 5607 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी है।
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यातना से कम नहीं था परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना
सिद्धार्थनगर। प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (पीईटी) का केंद्र दूसरे जिले में बनाने से परीक्षार्थियों को आने-जाने में खासी परेशानी हुई। यही नहीं कई परीक्षा केंद्र देहात इलाके में बनाए गए थे। ऐसे केंद्र तक पहुंचने के लिए परिवहन के कोई साधन नहीं थे। इस कारण अभ्यर्थियों को खासी जद्दोजहद करनी पड़ी। स्थिति यह थी कि कई परीक्षार्थियों के लिए केंद्र तक पहुंचना ही परीक्षा पास करने जैसा था।
दूसरे जिले के रहने वाले को किसी दूसरे जिले में, वह भी ग्रामीण इलाके में, बने केंद्र में परीक्षा देने के लिए पहुंचना ही आसमान से तारे तोड़ने जैसा था। यही वजह था कि लोग परीक्षा की तिथि से एक दिन पहले ही निकल पड़े। जिसका कोई करीबी या जान पहचान वाला था वह तो उसके यहां रुक गया। बाकी के लोगों ने रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, मंदिर, धर्मशाला और फुटपाथ तक पर रात गुजारी। कई-कई किलोमीटर पैदल चले। घंटों बस और ट्रेन का इंतजार किया। ऑटो या टैक्सी में किसी तरह यात्रा की और केंद्र तक पहुंचे। यह सब किसी यातना से कम नहीं था।
छात्र जय प्रकाश यादव ने बताया कि वह कुशीनगर से शोहरतगढ़ इंटर कॉलेज में परीक्षा देने आया था। कुशीनगर से सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ के लिए कोई सीधी ट्रेन व सड़क मार्ग से बस नहीं चलने बहुत परेशानी हुई। गोरखपुर से शोहरतगढ़ आने में तीन घंटे ट्रेन व बस के लिए इंतजार करना पड़ा।
अनूप मिश्र ने कहा कि पडरौना से शोहरतगढ़ शिवपति इंटर कॉलेज में परीक्षा देने आया था। शोहरतगढ़ तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई। परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में 10 से 12 घंटे लग गए। सत्यम शुक्ला ने बताया कि मऊ से परीक्षा देने आया था।
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केंद्र तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई। मऊ से गोरखपुर तक आसानी से पहुंच गया, लेकिन गोरखपुर में स्टेशन व बस स्टेशन पर शोहरतगढ़ जाने वाली ट्रेन व बस समय से उपलब्ध नहीं होने से परेशानी हुई। शुभम शर्मा ने कहा कि आजमगढ़ से शोहरतगढ़ परीक्षा देने के शोहरतगढ़ शिवपति इंटर कॉलेज आए हैं। आजमगढ़ से शोहरतगढ़ के लिए सीधी बस नहीं होने से शोहरतगढ़ परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में परेशानी झेलनी पड़ी। गोरखपुर तक बस समय से मिल गई, लेकिन गोरखपुर से परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में 6 घंटे लग गए।
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