भनवापुर। भगवान की बाल लीलाओं का दर्शन दुर्लभ है। यह बातें गालापुर वटवासिनी स्थान पर चल रहे श्रीराम कथा के चौथे दिन कथावाचक बलराम दास ने कही। श्रीरामजी के बाल लीलाओं की कथा का रसपान कराते हुए कथावाचक ने कहा कि भगवान राम के अयोध्या में जन्म लेने की जानकारी होने पर स्वर्ग से देव, दानव, नाग, किन्नर आदि सभी उनके बाल रूप का दर्शन करने अलग-अलग रूप बना कर पहुंचे। भगवान श्रीराम ने सभी को पहचान कर खुद बाल रूप में माता कौशल्या के गोद में किलकारियां करते हुए आशीर्वाद प्रदान किया। इस दौरान राजमन यादव, विजय, रामशब्द, विनोद कुमार मिश्र, मनीष पांडेय, दीनानाथ तिवारी आदि मौजूद रहे।