सिद्धार्थनगर। मानसून की दस्तक के दौर में संक्रामक रोगों को शुरू होने की आशंका है। ऐसे मौके पर स्वास्थ्य विभाग के 10 डॉक्टर बिना सूचना के गायब हैं। इस कारण सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है। सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने इन डॉक्टरों के खिलाफ शासन को पत्र भेजकर कार्रवाई की सिफारिश की है।
बरसात के मौसम में अस्पताल मरीजों की संख्या बढ़ जाएगी, गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक के मरीज बढ़ गए हैं।
गर्मी के मौसम अस्पतालों में उल्टी दस्त, बुखार के मरीज बढ़ गए हैं। मरीजों को स्थानीय स्तर पर इलाज नहीं मिलने के कारण माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सीएचसी मिठवल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. आरएन पांडेय, बर्डपुर सीएचसी में तैनात सर्जन डॉ. पुनीत श्रीवास्तव, शोहरतगढ़ सीएचसी में तैनात डॉ. ऋषि त्रिपाठी एवं डॉ. आरके सिंह एवं डॉ. अरूण पांडेय बिना सूचना के गायब हैं। इन पांचों डॉक्टरों के खिलाफ आरोप पत्र बन गया है। इनमें डॉ. अरूण कुमार पांडेय कोरोना काल में बीमार हो गए थे, उनका लिवर ट्रांसप्लांट हुआ है। सीएमओ ने पत्र में इनके प्रति सुहानुभूति पूर्वक विचार करने की सिफारिश की है।
इनके साथ सीएचसी बसंतपुर में तैनात डॉ. मोहम्मद सादिक, सीएचसी इटवा में तैनात आई सर्जन डॉ. मोहम्मद रिजवान, सीएचसी जोगिया में तैनात डॉ. मोहम्मद शाहिद जमाल,सीएचसी लोटन में तैनात डॉ. गरिमा मिश्रा एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तारिक बिन नसीम भी बिना सूचना के गायब हैं।
नहीं हो रहा है अल्ट्रासाउंड
स्वास्थ्य में बांसी के सीएचसी मिठवल, खेसरहा और पीएचसी बांसी में नई अल्ट्रासाउंड मशीन खरीदी गई है, लेकिन रेडियोलॉजिस्ट डॉ. आरएन पांडेय के जाने के कारण जांच नहीं हो पा रही है।
सीएचसी इटवा में नेत्र चिकित्सक के नहीं होने से आंख के मरीज दूरदराज सिद्धार्थ नगर जिला मुख्यालय,बस्ती अथवा नेपाल के भैरहवा जाने को मजबूर हैं। डॉ. रिजवान की नियुक्ति सीएचसी इटवा में हुई परंतु वे बिना सूचना के गायब हैं। नगर पंचायत इटवा के पहाड़पुर निवासी इमरान अली कहते हैं कि शुक्रवार को आंख में परेशानी के चलते सीएचसी इटवा में गया था , लेकिन डॉक्टर नहीं थे।सीएचसी लोटन में स्त्री एवं प्रसुति रोग विशेषज्ञ डॉ. गरिमा मिश्रा बिना सूचना के गायब हैं। इस कारण महिला मरीजों को माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है।
वर्जन-
स्वास्थ्य विभाग में दस डॉक्टर बिना सूचना के गायब हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।
इनमें डॉ. अरुण कुमार पांडेय का लिवर ट्रांसप्लांट हुआ, इनके प्रति सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का अनुरोध किया हूं।
-डॉ. बीके अग्रवाल, सीएमओ