- अब तक 11 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार, सुरक्षा के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर तैनात है पुलिस, दशहरा तक बरती जाएगी अतिरिक्त सतर्कता
संवाद न्यूज एजेंसी
बढ़नी/ढेबरुआ। बढ़नी कस्बे में रविवार को दुष्कर्म के आरोपी को फांसी देने की मांग पर बाजार बंद कराने के दौरान हुए बवाल में शामिल होने के आरोप में पुलिस ने तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया, वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। सीसीटीवी फुटेज से चिह्नित किए गए अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। इस मामले में सोमवार को भी पुलिस ने आठ लोग को गिरफ्तार किया था।
उधर, रविवार के बवाल के बाद सोमवार को शोहरतगढ़ तहसील सभागार में डीएम और एसपी ने कस्बे वासियों को बुलाकर संवाद स्थापित कर दोपहर बाद बाजार खोलवाया। मंगलवार को सभी दुकानें खुली मिलीं और लोग सामान्व दिनों की तरह खरीदारी करते दिखे। नेपाल के लोग भी सामान खरीदारी करने आए। कस्बे में अतिसंवेदनशील व संवेदनशील जगहों पर पुलिस तैनात है। एहतियात के तौर पर पुलिस व खुफिया तंत्र कस्बे में अपनी नजर गड़ाए हुए हैं, शेड्यूल वार पुलिस गश्त भी कर रही है। कुछ लोग सोमवार को बाजार खुलने के बाद बढ़नी से बाहर चले गए हैं।
एसओ संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार को छापे के दौरान सैयद मोहम्मद हुसैन निवासी वार्ड नंबर-11 गोला बाजार नगर पंचायत बढ़नी, राहुल निवासी वार्ड नंबर 9 रामलीला मैदान बढ़नी और पंकज चौहान निवासी वार्ड नंबर एक आंबेडकर नगर मुडिला थाना ढेबरुआ को गिरफ्तार किया गया। इनके ऊपर दंगा भड़काने व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। अन्य शामिल लोगों की तलाश की जा रही है।
बॉर्डर पर कम हुई सख्ती, आवाजाही सामान्य
रविवार को बढ़नी कस्बे में हुए बवाल को लेकर नेपाल और भारत की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई थीं। लोगों की आवाजाही बंद कर दी गई थी। बहुत जरूरी होने पर उनकी जांच पड़ताल कर एक या दो लोगों आने-दे रहे थे, लेकिन सोमवार दोपहर बाद बढ़नी कस्बा खुलने के बाद बार्डर से दोनों देश के लोग आवाजाही सामान्य रूप से करने लगे। भारतीय सीमा से लोग खरीदारी नेपाल और नेपाल के लोग भारतीय सीमा के बढ़नी कस्बे में खरीदारी कर रहे हैं।
नेपाल के राजस्व में कमी
बढ़नी कस्बा बंद होने से रविवार से सोमवार 2 बजे तक सीमा पार कृष्णानगर में मंदी का असर रहा। नेपाल में जाने वाले पर्यटकों को भी मुसीबत झेलनी पड़ी। लोग दूसरे बार्डर खुनुवां, ककरहवा के रास्ते नेपाल गए, जिससे कृष्णानगर भंसार कार्यालय पर दो दिन भंसार से कोई राजस्व नहीं हासिल हुआ।