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राप्ती का जलस्तर बढ़ा तो तबाह हो जाएंगे 200 परिवार

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राप्ती नदी व बंधे के बीच में बने मकान। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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राप्ती का जलस्तर बढ़ा तो तबाह हो जाएंगे 200 परिवार
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- बिजौरा से गागापुर के बीच दो किमी लंबा बांध बनने से लोगों की बढ़ी मुश्किल
- आजादनगर डिहवा के 12 व गागापुर के 25 घर राप्ती नदी व बांध के बीच हैं स्थित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजौरा। सिंचाई विभाग ने शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग पर बिजौरा से गागापुर के बीच दो किमी दूरी तक मुख्य सड़क पर 10 फिट ऊंचा बांध बना दिया है। इससे आजादनगर डिहवा के 12 और गागापुर के 25 घर के एक तरफ बांध और दूसरी तरफ राप्ती नदी से घिर गए हैं। अगर नदी का जलस्तर बढ़ता है तो लोगों के घर में पानी भर जाएगा। बांध एक माह पूर्व बनाया गया है।
गागापुर निवासी बैजनाथ गुप्ता, राकेश शिवकरन, अयोध्या, बनवारी, इबरार, ललन वर्मा ने बताया कि मेहनत मजदूरी करके किसी तरह परिवार का करके जीवन यापन कर रहे थे। अब घर के सामने 10 फीट ऊंचा बांध बना दिया गया, राप्ती नदी घर के पीछे है। अगर बाढ़ आई तो पलायन करना पड़ेगा। उनका कहना है कि पहले बांध में गैप होने से राप्ती नदी का पानी दूसरी तरफ चला जाता था, अब गैप बंद होने से उनके मकान सुरक्षित नहीं रह गए।
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आजादनगर डिहवा के निवासी सलीम मकबूल, लाला, इद्रीश, सुक्खा, ननकू, पांचू ने बताया कि वह बौनाजोत गांव छोड़कर पट्टे की जमीन पर यहां मकान बनाए थे। अब ऊंचा बांध बना दिया गया। राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ते ही उनका घर तबाह हो जाएगा। उन्होंने प्रशासन से उनके आवासीय समस्या का स्थायी समाधान किए जाने की मांग की है।
नदी के बढ़ते जलस्तर का दबाव नहीं झेल पा रहा नवनिर्मित बांध
शाहपुर। भनवापुर विकास खंड के ग्राम पंचायत रमवापुर उर्फ नेबुआ के पास राप्ती नदी के मुहाने पर अर्द्धनिर्मित बांध में पहली बरसात में ही कटान शुरू हो गई है। बांध के कटान से आसपास के शाहपुर, सिरसिया, पेड़ारी, धनौहरी, मछिया, खुरपहवा गांव की 15 हजार आबादी भयभीत है। अर्द्ध निर्मित शाहपुर-भोजपुर के रमवापुर उर्फ नेबुआ गांव के सिवान में मौजूद बांध के गैप को भरकर सिंचाई निर्माण खंड परियोजना को पूरा करने में जुटा है।
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नेबुआ गांव के प्रधान शिवपूजन वर्मा, रामपाल, सुनील यादव, सुबाष, विजय कुमार आदि ने बताया कि बांध का गैप भर जाने से राहत मिली थी, लेकिन शुरुआत में ही कटान से भय सताने लगा है। डुमरियागंज एसडीएम विकास कश्यप ने कहा कि बांध कटान की जानकारी नहीं है। पता करवा संबंधित विभाग के कर्मियों को सूचित कर कटान रूकवाने की व्यवस्था की जाएगी।
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