शुक्रवार की शाम करीब चार बजे गोरखपुर स्टेशन के जनरल टिकट काउंटर पर भीड़ धक्का-मुक्की करती नजर आई। पूछताछ काउंटर पर भी यात्री धक्का-मुक्की करते दिखे। बिहार संपर्क क्रांति करीब सवा घंटे देरी से गोरखपुर जंक्शन पहुंची तो यात्री ट्रेन में घुसने के लिए दौड़ पड़े।
स्लीपर कोच में जिनकी टिकट कन्फर्म थी, वे भी अपनी जगह तक पहुंचने के लिए परेशान दिखे। इसके बाद वैशाली एक्सप्रेस ट्रेन करीब एक घंटे देरी से स्टेशन पर पहुंची तो यात्री जनरल कोच में घुसने के लिए एक-दूसरे पर गिरते-चढ़ते दिखे। कोई खिड़की से अंदर सामान फेंक रहा था तो कोई अंदर घुसे अपने साथी यात्री से सीट पर जगह बचाने को चिल्ला रहा था।
ट्रेनों के निरस्त होने के चलते रेलवे को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कैंट स्टेशन पर एनआई के चलते पिछले दिनों केवल आरक्षित काउंटर पर ही हर दिन 300 से 400 टिकट कैंसिल हो रहे थे। अब भी 30 से 40 टिकट रोज कैंसिल हो रहा है। ऑनलाइन भी टिकट कैंसिल हो रहे हैं। आरक्षित टिकट काउंटर के एक कर्मचारी ने बताया कि गोरखपुर जंक्शन से यात्रा करने वाले औसतन 100 लोग रोज टिकट कैंसिल करा रहे हैं।