शहर में चलती हैं 500 ऑटो व ई रिक्शा, नहीं किया रूट तय
चालक का मांगा किराया दीजिए या फिर करिए उनसे बहस
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शहर में ऑटो का किराया व रूट तय नहीं होने से आए दिन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर में चल रहे ऑटो पर यदि कोई यात्री किराया पूछे बिना ही बैठ गया तो चालक उससे मनमाना किराया वसूलते हैं। यदि यात्री चालक से किराया अधिक के बारे में पूछे तो पूछ कर बैठने का हवाला देते हैं। यही नहीं कई बार शिकायत के बाद भी नगरपालिका शहर में ऑटो का रूट और किराया तय नहीं कर पाया है।
किराया निर्धारित नहीं होने से यात्रियों को एक किमी से लेकर 200 मीटर तक 10 रुपया किराया देना पड़ता हैं। संवाददाता ने रविवार को इसका पड़ताल किया। शहर के हाइडिल तिराहे पर एक ऑटो मिला जो रेलवे स्टेशन तक जा रहा था, उसी समय ऑटो में दो महिलाएं भी बैठने के लिए आई। एक महिला ब्लॉक के सामने उतरी चालक ने उससे दस रुपया किराया मांगा। जबकि हाइडिल तिराहे से ब्लॉक की दूरी छह सौ मीटर हैं। आगे बढ़ने पर सिविल लाइन मोहल्ले के सामने एक महिला और एक पुरुष ऑटो में बैठे। जबकि आगे बढ़ने पर हाइडिल तिराहे पर बैठी दूसरी महिला तहसील गेट पर उतर गई। उससे भी चालक ने 15 रुपया किराया मांगा। जबकि यह दूरी डेढ़ किमी थी। आगे बढ़ने पर सिद्धार्थ चौक पर तीन और सवारी मिले। इसमें से एक सवारी छोटे बच्चे के साथ थी। जो मात्र दो सौ मीटर ही सफर तय की। वह उतरकर चालक को 10 रुपया दिया, तो चालक ने उसको रख लिया।
महिला के पूछने पर चालक ने बताया कि इतने दूरी का भी 10 रुपया किराया लगता हैं, इतना कहते हुए ऑटो को आगे बढ़ा लिया। रेलवे स्टेशन पहुंचने पर चालक ने सिविल लाइन व सिद्धार्थ चौक पर बैठे हुए यात्रियों से 20-20 रुपया किराया मांगा। जब उससे दूरी के हिसाब से किराया लेने की बात की गई तो उसने कहा कि शहर में ऐसा कोई नियम नहीं हैं की दूरी के हिसाब से किराया तय हो। जिससे जो मांगा जाता हैं। उतना किराया दे देते हैं। यही हाल पूरे शहर का हैं। शहर में मौजूद 500 ऑटो चालक व ई-रिक्शा चालक मनमाना किराया वसूलते हैं। किराया नहीं देने पर यात्रियों से बहस भी करते हैं।
शहर में ऑटो का किराया व रूट नहीं निर्धारित हैं। आए दिन यात्रियों से ऑटो चालक मनमाना ढंग से किराया वसूलते हैं। पूछने पर कहते हैं जब नियम बनेगा तब देखा जाएगा।
-कुसुम कसौधन, यात्री
-
शहर में सबसे अधिक ऑटो से महिलाएं ही यात्रा करती हैं। ऐसे में ऑटो का रूट निर्धारित नहीं होने से संवेदना बनी रहती हैं। किराया और रूट का निर्धारण होने से सुविधा मिलेगी।
-गुड़िया, यात्री
-
वर्जन
ऑटो चालक इस तरह की मनमानी कर रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही ऑटो चालकाे को किराया से संबंधित गाइडलाइन जारी की जाएगी।
-डॉ. ललित कुमार मिश्र, एसडीएम सदर
नगर पालिका की तरफ से अभी तक स्टैंड निर्धारित नहीं हो पाया है, लोकसभा चुनाव बाद पार्किंग व रूट बनाकर किराया निर्धारित किया जाएगा।
-विंध्याचल, ईओ नगर पालिका