मेडिकल कॉलेज में छह माह पहले बना 300 बेड का अस्पताल, उपकरण के बिना नहीं हो रहा शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज में छह महीना पहले ही 300 बेड के अस्पताल में मरीजाें का इलाज शुरू करने के लिए 8 करोड़ रुपये की बजट की जरूरत है। यह अस्पताल शुरू होगा तो जिले के सरकारी अस्पताल में भी आईसीयू की सुविधा उपलब्ध होगी। निर्धारित एजेंसी ने उपकरणों की आपूर्ति नहीं की गई तो मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने उपकरणों की खरीद के लिए आठ करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। जब यह बजट स्वीकृत होगा तो अस्पताल का लाभ प्राप्त होगा।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में तीसरे सत्र में एमबीबीएस का प्रवेश शुरू हुआ है, लेकिन मेडिकल कॉलेज का अस्पताल जिला अस्पताल में ही संचालित हो रहा है। परिसर में 300 बेड का अस्पताल शुरू होगा तो व्यवस्थाएं और बेहतर हो जाएंगी। मरीजों का कहना है हॉस्पिटल तो बना दिया गया है, लेकिन सामान न होने से अभी भी लोग गंभीर बीमारी के इलाज के लिए गोरखपुर या लखनऊ जाना पड़ता है, दूरी होने से कई बार मरीज के जान जाने का भी खतरा बना रहता है।
40 बेड के आईसीयू में मिलेगी बड़ी राहत
नए अस्पताल में 40 बेड का आईसीयू बनाया गया है। इससे बनने से गंभीर मरीजों के इलाज में बड़ी मदद मिलेगी। इसमें चार ओटी है, जबकि मेडिसिन, आर्थो व सर्जरी सहित अन्य वार्डों की सुविधाएं भी बेहतर हो सकती हैं। आईसीयू बनने के बाद रेफर होने वाले गंभीर मरीजों में कुछ लोगों का यहीं इलाज हो जाएगा। छितरापार के आशीष शुक्ल ने बताया कि जिला अस्पताल में आईसीयू और हॉर्ट के डॉक्टर नहीं है। उनके रिश्तेदार को हार्ट अटैक हुआ तो डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। यदि सुविधा होती तो शायद उनकी जान बच जाती।
आईसीयू के अभाव में रेफर हो गई थी महिला
उसका बाजार के निजी अस्पताल में सर्जरी के दौरान महिला के पेट में स्पंज छूट जाने के कारण उसकी तबीयत गंभीर हो गई थी। उसके बाद परिजन ने उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया था, लेकिन डॉ. डीसी चौधरी ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया था। सर्जरी के बाद मरीज की तबीयत बिगड़ने की स्थिति में आईसीयू की मदद नहीं मिल पाती। महिला का निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस मामले में निजी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
वर्जन
मेडिकल कॉलेज में 300 बेड के अस्पताल में टेंडर लेने वाली एजेंसी ने सामानों की आपूर्ति नहीं दी, इस कारण अस्पताल शुरू करने में देर हुई। प्रदेश स्तरीय अधिकारियों के मौखिक निर्देश पर सामान खरीदने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। सामान उपलब्ध होते ही अस्पताल का उद्घाटन कराया जाएगा।
एके झा, प्रभारी प्राचार्य मेडिकल कॉलेज