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Siddharthnagar News: अवध में आएंगे पर्यटक तो बुद्धनगरी भी होगी गुलजार

Thu, 18 Jan 2024 11:39 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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कपिलवस्तु पार्क में पहुंचे साउथ कोरियन का दल।
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सिद्धार्थनगर। अयोध्या में 22 जनवरी को श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद देश-विदेश के लोग अवध में भगवान का दर्शन करने आएंगे। माना जा रहा है कि अवध में धार्मिक पर्यटक बढ़ेंगे तो बुद्धनगरी भी गुलजार होगी, क्योंकि पर्यटकों का दल आता है तो धर्म स्थलों के अनुसार रूट चार्ट तय होता है। पर्याप्त संभावनाओं के बावजूद भी कपिलवस्तु में सुविधाएं बढ़ाने में पर्यटन विभाग फिसड्डी साबित हो रहा है। होटल शाक्य और बुद्धा थीम पार्क को भी खोलने में देर की जा रही है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि होटल और पार्क की सुविधाएं देने की प्रक्रिया शुरू हो गई हैं।
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कपिलवस्तु में बृहस्पतिवार शाम 4 बजे साउथ कोरिया से 15 पर्यटकों का दल पहुंचा, लेकिन 23 मिनट बाद ही वे रवाना हो गए। बिहार के रहने वाले भारतीय लीडर सत्य नारायण ने बताया कि साउथ कोरिया का दल श्रावस्ती से कपिलवस्तु आया है। कपिलवस्तु में लंच की सुविधा नहीं है इसलिए श्रावस्ती में चार घंटे समय बिताना पड़ा, वहां लंच लेने के बाद चले हैं। यहां भी होटल और ठहरने की सुविधा होती तो लंच के अनुसार प्लान नहीं करना पड़ता। ककरहवा बॉर्डर ने इमिग्रेशन ऑफिस नहीं है, इस कारण सोनौली बॉर्डर होते हुए नेपाल के लुंबिनी तक जाएंगे। प्रत्येक विदेशी पर्यटक से 300 रुपये शुल्क लिया जाता है, लेकिन सुविधाएं नहीं हैं।


आते हैं देशी-विदेशी पर्यटक
कोरियन लीडर मेमि ने कहा कि कपिलवस्तु प्राचीन स्थल है, यहां सुविधाएं बढ़नी चाहिए। बुद्धा थीम पार्क ही खुल जाता है तो पर्यटक कुछ देर यहां रूकते। जापान, इंडोनेशिया, वियतनाम, कंबोडिया, थाइलैंड, अमेरिका,साउथ कोरिया, ताइवान, मलेशिया, म्यांमार, बांग्लादेश, आस्ट्रेलिया, श्रीलंका के विदेशी पर्यटक आते हैं, जबकि महाराष्ट्र, कोलकाता, लद्दाख, त्रिपुरा और हिमांचल प्रदेश से अधिक संख्या में पर्यटक आते हैं। यहां तो होटल भी नहीं है, नाश्ता पानी करना हो तो कहां जाएंगे।
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बढ़ रहे हैं पर्यटक
साल 2023 में 11859 पर्यटक देशी और 324 पर्यटक विदेशी आए हैं, जबकि साल 2022 में 10759 पर्यटक देशी और 261 विदेशी पर्यटक आए थे। यह संख्या उन पर्यटकों की है जिन्होंने पंजीयन कराया है, जबकि वास्तविक पर्यटकों की संख्या इससे तीन गुनी अधिक हो सकती है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शरदेंदु त्रिपाठी ने बताया कि कपिलवस्तु में पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने के साथ आसपास के प्राचीन स्तूपों की प्राचीनता प्रमाणित करने पर भी कार्य होना चाहिए।


होटल शाक्य की तरह खंडहर हो रहा बुद्धा थीम पार्क
कपिलवस्तु में एक साल पहले बनकर तैयार हुआ था 46 करोड़ का पार्क
संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। कपिलवस्तु में एक वर्ष पहले बनकर तैयार हुआ बुद्धा थीम पार्क भी संचालित नहीं होने से शाक्य होटल की तरह खंडहर बनने की तरफ अग्रसर है। रख-रखाव नहीं होने से 46 करोड़ की लागत से बने बुद्धा थीम पार्क के भव्य परिसर में मात्र एक वर्ष में ही घास-फूस उग आए हैं। इन पर्यटक स्थलों का संचालन नहीं होना स्थानीय लोगों को खटक रहा है।



विकास के जरिए कपिलवस्तु को विश्व मानचित्र पर स्थापित करने की पहल कुछ निर्माण कार्यों के साथ ही ठंडे बस्ते में चले जाने से बौद्ध भूमि कपिलवस्तु उपेक्षा के शिकार हो चुका हैं। बीते तीन दशक में करोड़ों की लागत से आलीशान भवन तो बने, लेकिन आज भी उनका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। इससे वह खंडहर बनते जा रहे हैं।
कपिलवस्तु स्थित मुख्य स्तूप से पास अधिग्रहीत क्षेत्र में वर्ष 1994-95 में पर्यटन विभाग ने होटल शाक्य का निर्माण कराया था। दो-तीन साल तक होटल चला और फिर इसे बंद करना पड़ गया। वर्ष 1997-98 में होटल शाक्य के बगल में बौद्ध हेरिटेज सेंटर का निर्माण हुआ। उद्घाटन भी हुआ, लेकिन साधन और संसाधन की कमी से यह किसी काम न आ सका। वर्ष 2012-13 में बुद्धा थीम पार्क के लिए बजट स्वीकृत हुआ, जो पिछले वर्ष बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन अभी तक इसका संचालन नहीं हो सका है। जिस कारण यह भी खंडहर बनने की तरफ अग्रसर नजर आ रहा है। शुक्रवार को भी इसमें ताला लटक रहा था, जिसे लोग दूर से ही देखकर निकल जा रहे थे। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अंजू चौधरी ने बताया कि बुद्धा थीम पार्क के संचालन के लिए पर्यटन विभाग ने पर्यटन विकास निगम को पत्र भेजा है। इस मामले में रिमाइंडर भेजा जाएगा।

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विश्व प्रसिद्ध बौद्ध स्थली कपिलवस्तु में पर्यटकीय सुविधाओं की दरकार है, यहां जो भवन बने भी उनका रख-रखाव व संचालन नहीं होने से यहां आने वाले पर्यटकों को दिक्कत होती है।

दीपक मौर्या, गनवरिया



अगर बुद्धा थीम पार्क का संचालन नहीं शुरू होगा तो यह भव्य भवन व परिसर भी शाक्य होटल की तरह खंडहर हो जाएगा, पर्यटकों की सुविधा के लिए इसका संचालन बहुत जरूरी है।
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सुरेश गुप्ता, अलीगढ़वा
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