सिद्धार्थनगर। शहर के विस्तारित क्षेत्र में शामिल हुए परसा शाहआलम मोहल्ले में गुजरने वाली जगदीशपुर माइनर के किनारे डेढ़ किमी तक खेत में मकान बन चुके हैं। इससे इस नहर की उपयोगिता समाप्त हो चुकी है। जबकि इस मोहल्ले समेत आसपास के कई गांव के लोगों के आवागमन के लिए नहर किनारे पटरी पर बनी सड़क के चौड़ीकरण की जरूरत है। स्थानीय निवासियों की मांग पर तीन वर्ष पहले सांसद जगदंबिका पाल ने डीएम को इस संबंध में पत्र लिखा था।
नगर पालिका सिद्धार्थनगर के सीमा विस्तार में शामिल हुए परसा शाहआलम, महनगा समेत कई गांव के किसानों की खेती सिंचाई जगदीशपुर माइनर से होती रही है। बीते एक दशक के अंदर नहर की दोनों पटरियों के किनारे स्थित खेत में मकान एवं दुकान बन गए हैं। इससे नहर के पानी से खेतों की सिंचाई की जगह इसकी उपयोगिता लोगों के घर के गंदे पानी बहाने तक सीमित हो गई है। वहीं नहर पटरी पर बनी सड़क के सकरे होने से आवागमन में भी दिक्कत होती है, जिस कारण स्थानीय निवासियों ने शहरी क्षेत्र में डेढ़ किमी तक नहर को सड़क में बदलने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि अगर नहर भूमि पर चौड़ी सड़क का निर्माण हो जाएगा तो इस क्षेत्र में औद्योगिक एवं व्यवसायिक गतिविधियां संचालित होंगी, जिससे क्षेत्र में तेजी से विकास होगा। सांसद जगदंबिका पाल ने 29 नवंबर 2020 को डीएम दिए पत्र में नगर क्षेत्र में नहर का औचित्य नहीं होने के कारण इसे पीडब्लूडी अथवा नगर पालिका को सड़क निर्माण के लिए हस्तांतरित करने को कहा था। जिस पर डीएम ने मामले में सीडीओ को कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। फिलहाल मामला अभी आगे नहीं बढ़ सका है।
शहरी क्षेत्र में नगर की उपयोगिता समाप्त हो गई है, दोनों तरफ खेत की जगह मकान खड़े हो गए हैं, इसलिए नहर पर सड़क बनने से लोगों को सुविधा होगी।
- राजा वरूण, महनगा
शहरी क्षेत्र में शामिल हिस्से में विकास भवन के सामने नहर की जगह सड़क बनने से बेहतर आवागमन सुविधा से इस क्षेत्र में व्यवसायिक गतिविधियां बढ़ेगी।
- राजेश श्रीवास्तव, परसा शाहआलम
शासन की मंशानुसार विभागीय उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन किया जाएगा, अभी शासन की तरफ से कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है, जब निर्देश मिलेगा तो उसी अनुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- आरके नेहरा, अधिशासी अभियंता ड्रेनेज खंड